कुख्यात अपराधी रहे आसिफ जायदा के पिता यासीन की बृहस्पतिवार की देर रात बाइक सवार दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वारदात को पुरानी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। मृतक अपने बेटे आसिफ जायदा की हत्या के मुकदमे में गवाह था।
शहर कोतवाली के शामली रोड स्थित चौकी से कुछ कदम की दूरी पर बृहस्पतिवार की देर रात खादर वाला निवासी यासीन (55) पुत्र जमील ठेला लगाए हुए था। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक आए और उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को जिला चिकित्सालय भिजवाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बता दें कि दो वर्ष पूर्वी भी यासीन पर हमला हुआ था, तब उसकी जान बच गई थी।
आसिफ जायदा की हत्या में नामजद हुआ शाहरुख भी करीब डेढ़ वर्ष पूर्व तारीख से लौटते समय पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। पुलिस को शक है उसी ने घटना को अंजाम दिया है। वारदात के बाद मौके पर भीड़ एकत्र हो गई। अफसरों ने तीनों थानों का फोर्स मौके पर भेज दिया। खादरवाला में भारी फोर्स तैनात है।
फिलहाल खालापार और खादरवाला के कुछ एरिया में तनाव व्याप्त है। जायदा की हत्या में नामजद रहा आरोपी शाहरुख एक साल पूर्व पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। शहर कोतवाल पीपी सिंह ने बताया कि अभी तहरीर नहीं आई है। मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
हत्या में होनी थी गवाही
मुजफ्फरनगर। फल का ठेला लगाने वाले यासीन की हत्या से पहले आरोपी बाइक सवार दोनों बदमाश काफी देर से घटनास्थल के आसपास टहल रहे थे। इसकी पुष्टि आसपास के लोगों ने की है। 17 अप्रैल 2015 को मृतक का बेटा कुख्यात आसिफ जायदा नैनी जेल से मुजफ्फरनगर कचहरी में तारीख पर आया था।
वापस जाने के दौरान रेलवे स्टेशन पर उसकी गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। यासीन ने बेटे की हत्या के मामले की रिपोर्ट में सात लोगों को नामजद कराया था, जिसमें पुलिस ने पांच बदमाश रेहान, साजिद, शाहरुख, सोनी और फैशल के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दी थी। दो के नाम गलत पाए गए थे, जिनके नाम पुलिस ने निकाल दिए थे।