नामांकन प्रक्रिया के दौरान पुलिस सुरक्षा को धता बताकर दो युवक पिस्टल और रिवाल्वर के साथ कचहरी गेट तक पहुंच गए। मेटल डिटेक्टर के पास पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। पकड़े गए युवक एक प्रत्याशी के प्राईवेट सुरक्षाकर्मी बताए जा रहे हैं। अफसरों के आदेश पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी है।
शहर के चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात होने और कचहरी के आसपास स्थानीय और बिहार पुलिस की तैनाती के बावजूद सोमवार को दो युवकों ने पिस्टल और रिवाल्वर के साथ कोर्ट रोड वाले गेट से नामांकन स्थल में घुसने का प्रयास किया। मेटल डिटेक्टर के पास दोनों को पुलिस ने दबोच लिया। हथियार मिलने पर पुलिस में हड़कंप मच गया।
सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर भीतर घुस रहे युवकों के पास हथियार मिलने से मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी बगले झांकने लगे। पकड़े गए युवक सुनील पुत्र गुलशन निवासी मंजीठा, अमृतसर पंजाब और दूसरा युवक कुलदीप राठी पुत्र त्रिभुवन राठी निवासी इटावा, बुढ़ाना है।
दोनों के पास एक पिस्टल और रिवाल्वर मिला है। पूछताछ में दोनों ने खुद को चरथावल से चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी के सुरक्षाकर्मी बताया। प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार ने बताया कि दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी है। दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कहां गई सीओ की मुस्तैदी, सुरक्षा को लेकर भिड़े थे वकीलों से
मुजफ्फरनगर। कचहरी में चल रहे नामांकन के कार्य के दौरान सुरक्षा को लेकर कचहरी के कोर्ट रोड वाले गेट पर आधा दर्जन सीओ और निरीक्षक तैनात हैं। इसके अलावा भारी संख्या में बिहार और स्थानीय पुलिस तैनात है। सबकी कमान सीओ सिटी तेजवीर सिंह के हाथ में है। गेट की तरफ चलने पर सबसे पहले सीओ सिटी ही तलाशी कराते हैं।
व्यवस्था के पहले ही दिन सीओ तलाशी के नाम पर वकीलों से भिड़ गए थे। मंगलवार को सीओ के सामने से ही दो युवक रिवाल्वर और पिस्टल के साथ कचहरी के गेट तक पहुंच गए। ऐसे में सवाल उठता है कि सीओ की मुस्तैदी कहां गई। अस्थायी गेट के पास सीओ सिटी तैनात रहते हैं। दोनों युवक सामने से ही निकल गए और सीओ का पता तक नहीं चला।