जम्मू-कश्मीर के कठुआ में बच्ची के साथ गैंगरेप और हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए विशाल जंगोत्रा के सारे रिकॉर्ड ले जाने के बाद भी जम्मू एसआईटी टीम लगातार कॉलेज में आकर पूछताछ कर रही है। बृहस्पतिवार को जम्मू एसआईटी टीम ने मीरापुर कालेज पहुंचकर घंटों बंद कमरे में स्टाफ से पूछताछ की। विशाल जंगोत्रा की परीक्षा के दौरान उपस्थिति आदि की जानकारी लेने के बाद लिखित में प्रधानाचार्य के बयान भी दर्ज किए हैं। लेकिन ये बयान में हिंदी में दर्ज नहीं करके उर्दू में किए गए हैं।
बृहस्पतिवार को एसआईटी टीम के उपनिरीक्षक इरफान बानी तथा सीनियर कांस्टेबल मोहम्मद इकबाल सुबह करीब 10 बजे थाना मीरापुर पहुंचे। थाने से स्थानीय पुलिस को साथ लेकर टीम आकांक्षा कालेज पहुंचीं। एसआईटी टीम ने प्रधानाचार्य सरदार मंजीत सिंह से बंद कमरे में करीब तीन घंटे तक पूछताछ की।
उन्होंने जानकारी मांगी कि कालेज से परीक्षा दिलाने के लिए कौन अध्यापक छात्रों के साथ गया था। उन्होंने टीम को बताया कि कालेज के अध्यापक आशीष परीक्षा दिलाने के सिर्फ पहला पेपर दिलाने नौ जनवरी को गए थे। इसके बाद वे नहीं गए। छात्र खुद ही परीक्षा देने जाते हैं, कॉलेज से उनके साथ किसी के जाने का नियम नहीं है।
दोपहर करीब डेढ़ बजे एसआईटी टीम पूछताछ करके निकल गई। प्रधानाचार्य सरदार मंजीत सिंह ने बताया कि टीम तीसरी बार कालेज में जांच पड़ताल के लिए आई थी। विशाल के परीक्षा से संबंधित सारे दस्तावेजों को टीम पहले ही ले जा चुकी है। अब कोई भी रिकॉर्ड कालेज के पास नहीं है। विशाल का प्रवेश पत्र परीक्षा से पूर्व उसे दे दिया गया था। जांच टीम प्रधानाचार्य के बयान उर्दू में दर्ज करके ले गई।
कॉलेज के चेयरमैन को नोटिस
वहीं एसआईटी टीम के इंस्पेक्टर इरफान बानी ने थाने में बताया कि जांच में कालेज के चेयरमैन आरपी सिंह को पूछताछ के लिए दो बार नोटिस भेजकर तलब किया गया है। एक मई को तीसरी बार आरपी सिंह को बुलाने के लिए प्रधानाचार्य मंजीत सिंह के माध्यम से तीसरा नोटिस भेजा गया है।
मीरापुर के आकांक्षा कालेज के प्रधानाचार्य मंजीत सिंह ने बताया की जम्मू एसआईटी परीक्षा से संबंधित सारे कागजात पहले ही लेकर जा चुकी है।
ये है मामला
जम्मू के कठुआ में 10 जनवरी को आठ साल की बच्ची का अपहरण करने के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जम्मू पुलिस ने सांझीराम नाम के एक व्यक्ति, उसके नाबालिग भतीजे और दो अन्य लोगों को गैंगरेप और हत्या के मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सांझीराम के बेटे विशाल जंगोत्रा पर भी मामले में शामिल होने की बात कही थी।
विशाल मुजफ्फरनगर के मीरापुर में रहकर आकांक्षा कॉलेज से बीएससी एजी कर रहा था। उसकी नौ जनवरी से खतौली केके जैन डिग्री कॉलेज में परीक्षाएं चल रही थी। मामले में एसआईटी ने दावा किया था कि विशाल 11 जनवरी की शाम मीरापुर से जम्मू गया और वारदात को अंजाम दिया।
खुद को बचाने के लिए उसने अपनी जगह 12 जनवरी को किसी दूसरे युवक से परीक्षा दिलाई थी। इसे साबित करने के लिए एसआईटी की टीम लगातार सुबूत जुटा रही है लेकिन ऐसे रिकॉर्ड नहीं मिल रहे जिससे ये साबित हो कि विशाल की जगह किसी ओर ने परीक्षा दी।
जम्मू एसआईटी की मेरठ पुलिस से मुलाकात पर सवाल
मेरठ। कई दिनों से टीम मेरठ और मुजफ्फरनगर में दौड़ती रही। लेकिन उसके हाथ कुछ नहीं लगा। थक-हारकर जम्मू टीम ने मेरठ पुलिस से मुलाकात कर विशाल के यूनिवर्सिटी में हुई एमबीबीएस कॉपियों की अदला-बदली में शामिल होने का सवाल पूछा तो जांचकर्ता सीओ संजीव देशवाल ने साफ इंकार कर दिया।
जम्मू से आए पुलिसकर्मियों से स्पष्ट कह दिया गया कि विशाल का इन मामलों से कोई कनेक्शन नहीं है। वे उनकी कोई मदद नहीं कर सकते हैं। यह सवाल चर्चा में है कि जम्मू एसआईटी ने जब विशाल को आरोपी बनाया है तो वो सुबूत जुटाने में मेरठ पुलिस की मदद क्यों चाहती है।