शासन के आदेश पर एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने महाराणा प्रताप जयंती पर ठाकुर बहुल गांवों में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों का ब्यौरा मांगा है। एलआईयू भी ऐसे गांवों में लोगों से बातचीत कर बिना अनुमति किसी प्रकार के कार्यक्रम नहीं करने के लिए कह रही है।
गत शुक्रवार को सहारनपुर के शब्बीरपुर में महाराणा प्रताप की जयंती पर शोभायात्रा के विरोध को लेकर ठाकुर और दलितों के बीच खूनी संघर्ष हो गया था। जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी। बेकाबू भीड़ ने पुलिस पर भी हमला कर दिया था। मामले की नजाकत को देखते हुए सूबे के डीजीपी सुलखान सिंह औैर प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडेय ने रविवार को सहारनपुर पहुंचकर मामले की जानकारी ली थी। अधिकारियों ने आसपास के जनपदों के अधिकारियों से महाराणा प्रताप की जयंती के दौरान एहतियात बरतने के आदेश किए।
मंगलवार को चरथावल के बिरालसी में और शहर में अगले दिनों में कई जगहों पर जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने की सूचना पुलिस को मिल रही थी। सोमवार दिन में एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने ठाकुर बहुल गांवों दूधली, पीपलशाह, बिरालसी, छिमाऊं आदि गांवों में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की सूची तलब की है।
एलआईयू प्रभारी धर्मेंद्र सिंह चौहान ने गांवों में जाकर लोगों से बातचीत की। एसपी सिटी ने बताया कि परंपरागत तरीके से जहां जैसा कार्यक्रम होता था, उसी तरह से होगा। किसी ने बिना अनुमति कोई कार्यक्रम करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।