शालीमार एक्सप्रेस ट्रेन से अपहृत डेढ़ साल के मासूम यश का दस दिन बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। जीआरपी ने कई जिलों की खाक छानी और थानों से बच्चा चोर गिरोह का भी रिकार्ड भी खंगाला गया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। बच्चे की तलाश के लिए अब जीआरपी की टीम रविवार को गाजियाबाद, अलीगढ़ के लिए रवाना हुई है।
जीआरपी की टीम ने अपहृत यश की तलाश में हरिद्वार, मेरठ, सहारनपुर, रुड़की आदि क्षेत्रों में खाक छानी है। यश का फोटो लेकर इन क्षेत्रों की मलिन बस्तियों के साथ पॉश कालोनियों में भी तलाश की गई। साथ ही इन क्षेत्रों में बच्चा गिरोह के आरोप में नामजद लोगों के भी रिकार्ड खंगाले और उनकी डिटेल भी जुटाई।
अधिकांश लोग जेलों में बंद मिले हैं, जबकि जो बाहर मिले, उनसे पूछताछ करने के साथ ही फोटोग्राफ भी साथ में रख गए हैं। जीआरपी ने कुछ लोगों फोटो भी अपहृत यश की मां को दिखाए, लेकिन महिला ने इन्हें पहचानने से इंकार कर दिया। इसके बाद अब जीआरपी ने टीम बनाकर रविवार को बुलंदशहर, अलीगढ़ के साथ मेरठ, हापुड़ के क्षेत्रों में भेजा है।
यहां के भी थानों को अलर्ट करने के साथ ही जीआरपी ने बच्चों को अपहृत करने वाले गिरोह की भी जानकारी जुटाई है। ताकि यश को कोई सुराग मिल सके। जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक कृष्ण अवतार ने बताया कि कई जिलों में जांच पड़ताल की गई है। अभी अपहृत यश का कोई सुराग नहीं मिल सका है। कई टीमें लगाकर तलाश जारी है।
क्या है मामला
मुजफ्फरनगर। दस दिन पूर्व रेलवे स्टेशन पर शालीमार एक्सप्रेस ट्रेन से बिजनौर निवासी महिला श्वेता के डेढ़ साल के बच्चे यश को एक महिला खिलाने के बहाने अपहरण कर ले गई थी। मामले में जीआरपी थाने में अपहरणकर्ता महिला और उसके साथी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज है।