कोर्ट ने हत्या के मामले में एक व्यक्ति को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ में जुर्माना भी किया है। साक्ष्य के अभाव में छह आरोपी बरी हो गए। अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना बुढ़ाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर दभेड़ी निवासी हसन पुत्र बून्दू ने 23 सितंबर 2007 को मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा था कि वह अपने पुत्रों के साथ घर पर बैठा था तभी जुल्फकार एक गाय को काटने के लिए लेकर जा रहा था।
उसे गाय को न काटने के लिए कहा तो इस बात पर विवाद हो गया। जिस पर जुल्फकार के भाई सत्तार के साथ गय्यूर, जाफर, मुस्ताक, जियाउल व अकरम पुत्र सत्तार हथियार लेकर आ गए। हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से गोली चला दी, इस बीच राशिद वहां नमाज पढ़कर आ गया। उसे जियाउल के द्वारा चलायी गोली लगी और इस गोली बारी में राशिद के साथ जावेद, कामिल, आकिल, गुलबहार, मुन्नी, उमर मोहम्मद गंभीर रूप से घायल हो गए ।
अस्पताल में राशिद की मौत हो गई। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे अरविंद राय की कोर्ट की संख्या 4 में हुई। जिसमें अभियोजन पक्ष की ओर से जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता पुष्पेंद्र मलिक ने कोर्ट में 13 गवाह और सुबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त जियाउल को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास के साथ 20 हजार रुपयों का जुर्माना की सजा सुनाई है । शेष अभियुक्तों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।