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मुठभेड़ में बदमाशों ने पुलिस पर चलाई आधा दर्जन गोलियां

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बदमाशों ने पुलिस पर दागी कई राउंड गोलियां
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जानसठ (मुजफ्फरनगर)। शनिवार देर रात भलवा चौकी के पास हुई पुलिस मुठभेड़ में बदमाशों ने पुलिस टीम पर आधा दर्जन से अधिक राउंड गोलियां चलाई थीं। पुलिस ने भी सात राउंड गोलियां चलाई, जिनमें से दो गोली बदमाश शमीम को लगते ही वह ढेर हो गया।
सीओ जानसठ एसकेएस प्रताप ने बताया कि बदमाशों द्वारा क्षेत्र में लूटपाट करने की सूचना मिल रही थी। शनिवार की रात को दिल्ली की स्पेशल सेल व मुजफ्फरनगर स्वॉट टीम को बदमाशों की लोकेशन खतौली व जानसठ क्षेत्र में मिलने पर दोनों टीमों ने रणनीति बनाकर बदमाशों द्वारा की जाने वाली किसी बड़ी वारदात को रोकने की योजना बनाई। दोनों टीमों ने जानसठ इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह से संपर्क कर बदमाशों की घेराबंदी करने की योजना बनाते हुए शनिवार की देर रात को बलवा पुलिस चौकी के सामने बैरियर लगाकर चेकिंग शुरू कर दी। पुलिस को खतौली की ओर से एक कार आती दिखाई दी। पुलिस टीम ने कार को रोकने का इशारा किया तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग प्रारंभ कर दी। बदमाशों ने पुलिस पर करीब आधा दर्जन राउंड गोलियां चलाई। कार को चला रहा बदमाश कूदकर भाग निकला, जबकि दूसरे बदमाश को कार के शीशे में पार होती हुई पुलिस की दो गोलियां लगी। एक गोली उसके सिर में तथा दूसरी गोली छाती में जाकर लगी। गोली लगने से बदमाश मौके पर ही ढेर हो गया। मुठभेड़ में मारे गए बदमाश की पहचान शमीम पुत्र फखरुददीन निवासी सिसौना, थाना छपार के रूप में हुई, जिसके ऊपर दिल्ली में 40 हजार की लूट करने पर 50 हजार का इनाम घोषित था। वहीं मुजफ्फरनगर में शाहपुर व पुरकाजी में लूटपाट व डकैती के मामलों में वांछित चल रहा था। इस पर यहां से एक माह पूर्व 50 हजार का इनाम घोषित हुआ हुआ था।
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पुलिसकर्मियों की जान बुलेट प्रूफ जैकेट से बची
शनिवार की देर रात बदमाश शमीम से मुठभेड़ के दौरान पुलिस को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती थी। पुलिस द्वारा पहनी गई बुलेट प्रूफ जैकेट ने तीन दरोगाओं की जान बचाई। मुठभेड़ के दौरान दिल्ली स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर शिवकुमार, एसआई कर्मवीर व स्वाट टीम के इंचार्ज वीरेंद्र कसाना के 9 एमएम की गोली छाती पर पहनी गई बुलेट प्रूफ जैकेट में जाकर लगी थी, जबकि एक गोली स्वाट टीम के सिपाही अशोक खारी के हाथ में लगने से वह घायल हो गया। जिसे जानसठ सीएचसी में भर्ती कराया, जहां से उसे जिला अस्पताल के रेफर किया गया।
सीमा विवाद में 14 घंटे पंचनामा भरने में लगे
मुठभेड़ में मारे गए बदमाश शमीम के शव का पंचानाम भरने के लिए खतौली व जानसठ पुलिस सीमा विवाद में उलझ गई। खतौली व जानसठ पुलिस के बीच हुए सीमा विवाद के चलते 14 घंटे तक बदमाश का शव जानसठ सीएचसी पर पड़ा रहा। जानसठ तहसील के प्रशासनिक अधिकारियों ने मुठभेड़ का घटनास्थल खतौली बताकर पंचनामा भरने से इंकार कर दिया। उच्चाधिकारियों के मामला संज्ञान में आने पर 14 घंटे बाद रविवार दोपहर 1 बजे न्यायिक तहसीलदार खतौली नीरज शर्मा ने शव का पंचनामा भरा। उच्चाधिकारियों के हस्तेक्षप करने पर जानसठ पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पिता को सौंपा शव
रविवार शाम को शमीम के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। उसके सीने और सिर से दो गोली मिली। पोस्टमार्टम के बाद शव मृतक के पिता फखरुददीन को सौंप दिया। उसका पिता दोपहर को ही पोस्टमार्टम हाऊस पहुंच गया था। देर शाम परिजन शव सिसौना गांव ले गए।
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शमीम पर दर्ज हैं संगीन मामलों के 19 मुकदमे
सीओ एसकेएस प्रताप ने बताया कि शमीम पर दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर आदि जिलों के थानों में हत्या, लूट, डकैती, हत्या के 19 मुकदमे दर्ज मिले हैं। पुलिस उसकी आपराधिक कुंडली को और खंगाल रही है। उसके पास से मिली कार नवंबर माह में गाजियाबाद के विजयनगर क्षेत्र से चोरी की गई थी, जिसकी रिपोर्ट विजयनगर थाने में दर्ज है। शमीम ने गत वर्ष दिल्ली के दरियागंज क्षेत्र में 40 लाख रुपये की लूट की थी। इसमें वह वांछित चल रहा था। इसी मुकदमे में दिल्ली पुलिस की ओर से उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। मुजफ्फरनगर के शाहपुर, पुरकाजी और शहर कोतवाली में हुई लूट, डकैती के मामले में भी वांछित था। इन मुकदमों में उस पर यूपी पुलिस की ओर से 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था।
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