मुजफ्फरनगर। एक महिला ने पति पर कुकर्म और ससुराल वालों को गैंगरेप करने का आरोप लगाया है। नई मंडी पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नईमंडी क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने रिपोर्ट में बताया उसका विवाह दो जुलाई 2017 को बुढ़ाना के एक गांव निवासी युवक के साथ हुआ था। आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही दहेज लोभी ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज के नाम पर उसे प्रताड़ित करने लगे। पति, सास-ससुर आदि ने मारपीट कर उसे भूखा रखा। पीड़िता ने पति पर अप्राकृतिक कृत्य करने और ससुराल के कुछ युवकों पर गैंगरेप करने का आरोप लगाया। नई मंडी पुलिस ने अदालत के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला का अपहरण, रेप का प्रयास
मुजफ्फरनगर। कसबे से शहर आ रही विवाहिता का एक आरोपी ने तमंचे के बल पर अपहरण कर उसके साथ रेप की कोशिश की।
शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला में पीड़िता पति के साथ किराए के मकान में रहती थी। आरोप है कि आरोपी उस पर गलत निगाह रखता था। आरोपी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म का प्रयास किया था। महिला ने पुलिस में आरोपी के खिलाफ तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। युवक से परेशान होकर पीड़िता शहर छोड़कर एक कसबे में चली गई। आरोप है कि बृहस्पतिवार शाम वह लोहिया बाजार में किसी काम से जा रही थी। अबूपुरा वाली गली में आरोपी युवक ने उसे घेर लिया और तमंचे के बल पर उसे खींचकर बाइक पर बैठा लिया। एक जगह ले जाकर आरोपी ने उसके साथ मारपीट करते हुए कपड़े फाड़ दिए और उसके साथ रेप का प्रयास किया। पीड़िता के शोर मचाने पर लोग आए तो आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गया। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।
बंधक बनाकर किशोरी से दुष्कर्म
- तीन साल पहले किया था अगवा
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। एक किशोरी का अगवा कर तीन साल तक बंधक बनाकर उसके साथ आरोपियों ने दुष्कर्म किया। पीड़िता की मां ने अदालत का सहारा लेकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
नईमंडी क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी महिला ने बताया कि पति की दस वर्ष पहले मृत्यु हो गई थी। उनके घर पर मोहल्ले के ही एक युवक का आना-जाना था। जिस पर वह तथा उसका परिवार के लोग पूरा विश्वास करते थे। आरोप है कि 18 जून 2014 को उसकी नाबालिग बेटी मोहल्ले में ही सिलाई सीखने के लिए गई थी, जहां से आरोपी युवक ने परिजनों की मदद से उसकी पुत्री का अपहरण कर लिया और एक मकान में बंधन बनाकर रखा। किशोरी के अपहरण के बाद महिला ने उसकी सभी संभावित स्थानों पर तलाश की, मगर सुराग नहीं मिल सका। उसकी बड़ी बेटी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ बहन के अपहरण की तहरीर दी थी, मगर तब पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया। तीन वर्ष बाद 28 फरवरी को किशोरी आरोपियों के चंगुल से किसी तरह घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई।
बेटी के घर आने पर भी आरोपी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़िता की मां ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने नईमंडी पुलिस को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।