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शातिरों को लंगड़ा कर रही है पुलिस

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अपाहिज होती बदमाशों की फौज
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मुजफ्फरनगर। एनकाउंटर में तमाम तरह की जांच से बचने के लिए पुलिस ने बदमाशों को अपाहिज बनाने के लिए नया ट्रेंड शुुुरू किया है। पुलिस की इस चाल से बदमाशों में दहशत है।
वर्ष 2012 में सपा सरकार बनी तो प्रदेश में एनकाउंटर बंद हो गए। दूसरी ओर परिजनों की शिकायत पर मानवाधिकार आयोग और अन्य जांचों में पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई। ऐसे में पुलिस ने बदमाशों का एनकाउंटर करना बंद कर दिया। एनकाउंटर बंद होने से बदमाशों ने खुलकर खेलना शुरू कर दिया। बढ़ते क्राइम से परेशान पुलिस ने पिछले कई माह से बदमाशों को अपाहिज करने का तरीका खोजा है। पिछले वर्ष अगस्त में शहर कोतवाली के खालापार के तीन मर्डर के आरोपी वसीम को पुलिस ने काली नदी के पास से गिरफ्तार किया तो उसके पैर में गोली लगी हुई थी। अप्रैल माह में पुरकाजी में भाकियू नेता पर हमला कर भागने के प्रयास में जुटे मुंतलिब को पुलिस ने पंचेडा रोड से गिरफ्तार किया, तो उसके पैर घुटने के नीचे गोली लगी थी। शामली के कैराना के रंगदारी वसूलने पहुंचे फुरकान को पुलिस ने पकड़कर जिस समय पेश किया, तो उसके पैर में भी गोली लगी हुई थी। शुक्रवार की देर रात क्राइम ब्रांच ने साढ़े नौ लाख की लूट के आरोपी आकाश को दबोचा, तो उसके पैर में गोली मारी गई। पुलिस बदमाशों के घुटने के नीचे तय जगह पर गोली मार रही है। बताया जा रहा है जिस जगह गोली मारी जाती है, वह एक ऐसी जगह है जहां ठीक होने के बाद भी बदमाश पूरी उम्र के लिए अपाहिज हो जाता है। पुलिस के इस नए ट्रेंड से बदमाशों में दहशत है।
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बदमाशों में दहशत
मुजफ्फरनगर। पुलिस के नए खेल में बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो रहे हैं। मुंतलिब और फुरकान घायल होकर जिला कारागार पहुंचे थे। दोनों के पैरों में मवाद भर गया था, जिसके चलते उनके पैर खराब होने लगे थे। मुंतलिब को सूबे की बहराइच जेल में शिफ्ट किया गया था, वहां भी उसके पैर की हालत खराब बताई जा रही है। दोनों ही फिलहाल अपने सहारे चलने में सक्षम नहीं है।
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