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छेड़छाड़ पीड़िता ने किया आत्महत्या का प्रयास

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छेड़छाड़ की शिकार युवती ने जहर खाया
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बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)।
बुढ़ाना के एक गांव में दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने और उसके द्वारा दी जा रहीं धमकियों से आहत युवती ने जहर खाकर जान देने का प्रयास किया। गंभीर हालत में युवती को सीएचसी ले जाया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल के लिए रैफर कर दिया गया। पुलिस ने घटना की एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने तहरीर देकर बताया कि उसकी बेटी 24 जुलाई को दिन में घर पर अकेली थी। आरोप है कि पड़ोस का युवक उसे अकेली देख जबरन घर में घुस आया और युवती के साथ छेड़छाड़ करने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने युवती को बदनीयती से दबोचकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया, लेकिन शोर मचाने पर आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गया। शाम के समय महिला के घर लौटने पर युवती ने उसे घटना से अवगत कराया, जिसके बाद पीड़िता ने थाने पहुंचकर घटना की तहरीर देते हुए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई। आरोप है कि तहरीर दिए जाने के बावजूद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की, जिससे हौसला बुलंद हुए आरोपी ने युवती व उसकी मां को जान से मारने की धमकियां देनी शुरू कर दी। इससे आहत युवती ने बृहस्पतिवार सुबह घर पर ही जहर खा लिया। कुछ देर बाद युवती की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे सीएचसी ले गए, जहां से उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल के लिए रैफर कर दिया गया। उधर, छेड़छाड़ पीड़िता द्वारा जहर खाए जाने की जानकारी मिलते ही थाना पुलिस ने आरोपी अनंगपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आनन-फानन में ही उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले में इंस्पेक्टर बुढ़ाना प्रभाकर केंतुरा का कहना है कि उन्हें बृहस्पतिवार को ही तहरीर दी गई थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। युवती जिला अस्पताल में भर्ती है, जिसके बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम प्रधान समेत अन्य बना रहे थे समझौते का दबाव
बुढ़ाना। क्षेत्र के गांव में युवती के साथ दुष्कर्म के प्रयास संबंधी मामले में ग्राम प्रधान व अन्य मौअज्जिज लोगों का रवैया भी बेहद गैरजिम्मेदाराना रहा। पीड़ित युवती के परिजनों का कहना है कि घटना की जानकारी होने के बाद ग्राम प्रधान व अन्य मौअज्जिज लोग आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के बजाए उल्टे उन्हीं पर तहरीर न देने और समझौता करने का दबाव बनाए रहे। आरोप है कि ग्राम प्रधान ने तो सूचना पर जांच के लिए पहुंची पुलिस को भी इसे आपसी विवाद का मामला बताकर उन्हें बैरंग ही लौटा दिया था।
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