कलक्ट्रेट में मुकदमे की पैरवी के लिए आई एक विवाहिता अचानक लापता हो गई। वह अपने देवर के साथ कचहरी आई थी। विवाहिता की तलाश में परिजनों ने संभावित स्थानों पर पूछताछ की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस भी गुमशुदगी दर्ज करने में उलझ गई है। कोतवाली और सिविल लाइन पुलिस एक-दूसरे पर मामला डाल रहे हैं।
गांव फुगाना निवासी बालेंद्र की पत्नी ऊषा देवर जयपाल के साथ 30 अक्तूबर को कचहरी में तारीख पर आई थी। मुकदमे में पैरवी के बाद वह गांव लौट रहे थे, तभी संदिग्ध परिस्थितियों में विवाहिता ऊषा लापता हो गई। परिजनों ने उसकी संभावित स्थानों पर तलाश की, मगर कोई सुराग नहीं मिल सका। परिजनों ने थाना सिविल लाइन में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। यहां पुलिस ने गायब होने के स्थान को कोतवाली क्षेत्र का बताकर पीड़ितों को चलता कर दिया।
परिजन जब शहर कोतवाली तहरीर लेकर पहुंचे तो पुलिस ने घटनास्थल सिविल लाइन थाने का बताकर उन्हें टरका दिया। पिछले चार दिनों ने पीड़ित परिजन विवाहिता की गुमशुदगी दर्ज करने के लिए दोनों थानों के चक्कर लगा रहे हैं। पुलिस ने अभी तक मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।