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ध्यानी के कत्ल के जिम्मेदार आखिर कौन ?

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शोहदों और पुलिस भी कम जिम्मेदार नहीं
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मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर के गांव बोपाड़ा निवासी युवती के कत्ल का जिम्मेदार आखिर कौन ? रह-रहकर आम जनमानस को यह सवाल पूरे दिन मथता रहा कि आखिर प्रेमी संग रेस्टोरेंट में एक हफ्ते पूर्व खाना खाने जाने की मामूली गलती कैसे युवती की जिंदगी लील गई ? कहने को भाई आदेश के हाथ बहन के खून से रंगे हैं, लेकिन हकीकत में इस कत्ल के जिम्मेदार उसके साथ छेड़छाड़ करने वाले शोहदे ही नहीं, बल्कि वह थाना पुलिस भी है, जो छेड़छाड़ के बाद पीड़िता की पहचान छिपाकर नहीं रख पाई।
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मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव बोपाड़ा निवासी मध्यम वर्गीय परिवार की युवती 18 फरवरी की शाम अपने प्रेमी बताए जा रहे युवक के साथ खाना खाने के लिए थाने से कुछ दूरी पर हाईवे स्थित रेस्टोरेंट में गई थी। वहां से खाना खाकर निकली तो वहां मौजूद दूसरे समुदाय के चार शोहदों की दृष्टि उस पर टिक गई और उसके बाद जो हुआ, उसकी कीमत युवती को अपनों के ही हाथों कत्ल होकर चुकानी पड़ी। दरअसल, शोहदों ने युवती को प्रेमी संग देख उसके साथ बदनीयती से छेड़छाड़ की, बल्कि उसे सरेराह हाईवे पर बेइज्जत भी किया। पीड़िता के शोर मचाने पर कुछ दूर स्थित थाने से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और एक आरोपी जुबेर निवासी नावला को दबोच लिया, जबकि उसके तीन साथी फरार हो गए। पीड़ित युवती ने इज्जत की खातिर निडर होकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से पुलिस उसकी पहचान छिपाकर नहीं रख पाई। पीड़ित परिजनों का दावा है कि छेड़छाड़ मामले में बेटी की पहचान उजागर होने के बाद इस प्रकरण को युवती के भाई आदेश ने इज्जत से जोड़ लिया और आखिरकार बहन को उसके इस किए की सजा उसकी सांसें छीनकर दे डाली। ऐसे में भले ही पुलिस हत्यारोपी भाई को जेल भेजकर खुद को पाक-साफ साबित कर रही हो, लेकिन यह भी उतना ही कड़वा सच है कि मासूम के खून के छींटे खुद खाकी के दामन पर भी पड़े हैं, जो न केवल पीड़ित युवती की पहचान छिपाकर रख पाई और न ही उसे सरेराह बेइज्जत करने वाले शोहदों को गिरफ्तार ही कर सकी।
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