उपद्रव में पूर्व प्रधान समेत दो को जेल भेजा
मुजफ्फरनगर। दलितों के आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव और हिंसा की घटना में आरोपियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। पुलिस ने रेत्ता नंगला के पूर्व प्रधान समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस अभी तक बसपा जिलाध्यक्ष कमल गौतम समेत 87 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। उधर, सिविल लाइन थाने पर शनिवार शाम को उपद्रव के दौरान तोड़फोड़ का एक और मुकदमा दर्ज कराया गया। उपद्रव और हिंसा के मामले में शहर के तीनों थाने में 42 केस दर्ज हो चुके हैं।
नई मंडी कोतवाली पर इंस्पेक्टर हरशरण शर्मा की ओर से सबसे पहला मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिसमें विभिन्न दलित संगठनों के चार पदाधिकारियों को नामजद करते हुए करीब तीन सौ अज्ञात उपद्रवियों को आरोपी बनाया गया। अभी तक पुलिस नामजद हुए आरोपियों में से किसी को भी गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हालांकि उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश डाल रही है, मगर वो पकड़ में नहीं आ रहे है। इंस्पेक्टर की ओर से दर्ज फायरिंग, तोड़फोड़, आगजनी आदि धाराओं में दर्ज इस मुकदमे में शनिवार को नई मंडी पुलिस ने छपार थाना क्षेत्र के गांव रेत्ता नंगला के पूर्व प्रधान जयद्रथ पुत्र केवलराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके अलावा शहर कोतवाली पुलिस ने भी उपद्रव के मामले में उत्तरी सिविल लाइन निवासी नवीन पुत्र भूप सिंह को जेल भेजा है। एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी घटनास्थल की वीडियो फुटेज और फोटो के आधार पर की गई है। उधर, सिविल लाइन थाने पर एक और मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एसआईटी ने साक्ष्य जुटाने शुरू किए
मुजफ्फरनगर। उपद्रव के दर्ज हुए सभी केस एसआईटी को सौंप दिए गए हैं। एसआईटी में शामिल आठ विवेचकों ने साक्ष्य जुटाने प्रारंभ कर दिए है। शनिवार को टीम ने घटनास्थलों पर जाकर गहन जांच पड़ताल कर घटनास्थलों का नक्शा बनाया। बाद में शहर कोतवाली पर टीम के पर्यवेक्षक एसपी क्राइम बीआर चौरसिया ने सभी आठ विवेचकों की बैठक लेकर विवेचना के लिए दिशा निर्देश दिए।