मुजफ्फरनगर। जटवाड़ा गंगनहर पटरी पर पुलिस मुठभेड़ में मारा गया नदीम शातिर अपराधी था। उसके खिलाफ लूट, हत्या, अपहरण आदि जघन्य अपराधों के करीब 15 मुकदमे दर्ज हैं। वह दो दशक से अपराध कर रहा था। दिल्ली में आपराधिक वारदातों को अंजाम देने पर उसे दस साल की सजा भी हुई थी। सजा काटने के बाद वह फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव बागोवाली निवासी नदीम पुत्र इरशाद 20 वर्षों से जघन्य अपराध कर रहा था। कुछ समय पूर्व ही वह दिल्ली जेल में सजा काटने कर बाहर आया था। नदीम ने 10 अगस्त 2017 को बागोवाली गांव में ही सुनार की दुकान करने वाले शहर के मोहल्ला आबकारी निवासी सराफ महेश वर्मा से लूट की थी। नदीम अपने दो साथियों के साथ दिन में ही सर्राफ वर्मा की दुकान पर पहुंचा और 40 हजार की नगदी के अलावा करीब पांच लाख के जेवरात लूटे थे। जाते हुए नदीम ने सर्राफ से कहा था कि मेरा नाम नदीम है, शिकायत की तो अंजाम बुरा होगा। नई मंडी कोतवाली पर उसके खिलाफ लूट का मामला दर्ज किया गया था। वह तभी से फरार चल रहा था। उस पर 12 हजार का इनाम घोषित किया गया था। मंगलवार को ही पुलिस ने उसे कैराना के गांव तितरवाड़ा से गिरफ्तार किया था। एसपी देहात अजय सहदेव ने बताया कि नदीम शातिर अपराधी था, उस पर दिल्ली से लेकर मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, मेरठ आदि जिलों के थानों में लूट, हत्या, डकैती आदि संगीन अपराधों के 15 मुकदमे दर्ज हैं। सिविल लाइन क्षेत्र में भी उसने हत्या की थी। वहीं, एसएसपी ने कहा कि ककरौली थाना प्रभारी अनिल सिंह और इंस्पेक्टर विजय कुमार त्यागी नगद पुरस्कार के साथ पदोन्नति भी मिलेगी। इसके अलावा उन्होंने एसपी देहात अजय सहदेव सिंह और सीओ भोपा रिजवान अहमद, कांस्टेबल बालकिशन, राहुल, भारत भूषण, राहुल को भी शाबासी दी।
आज ही घोषित हुआ था 15 हजार का इनाम
मंगलवार को नदीम के पकड़े जाने पर उस पर घोषित 12 हजार का इनाम खत्म हो गया था। मगर, बुधवार को वह पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। एसएसपी की संस्तुति पर एडीजी मेरठ प्रशांत कुमार की ओर से शुक्रवार को ही उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।