हत्याभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होने से आक्रोश पनपा
पुरकाजी। चार दिन पूर्व क्षेत्र में हुई दलित युवती के साथ गैंगरेप और हत्या की घटना पुलिस के लिए मुसीबत बन गई है। दलित समाज के लोग पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी करने का दबाव बनाए हुए हैं। वहीं, आरोपी पक्ष के समर्थन में उतरे गुर्जर समाज के लोग निर्दोष लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
कसबे के निकटवर्ती गांव में आठ मई को यह घटना हुई थी। परिजनों ने किशोरी के शव का दाह संस्कार करने से इंकार कर दिया था। देर रात को मुकदमा दर्ज होने और मां-बेटी समेत तीन आरोपियों को हिरासत में लिए जाने के बाद ही उसका दाह संस्कार किया गया था। मामले में ग्राम धमात निवासी दो युवकों को नामजद करने और पुलिस द्वारा नामजद एक आरोपी को गिरफ्तार करने को लेकर गुर्जर समाज के लोगों में रोष बना हुआ है। इसे लेकर गुर्जर समाज के लोगों ने शुक्रवार को थाने का घेराव कर पुलिस को निर्दोष लोगों का उत्पीड़न करने पर धरने प्रदर्शन की चेतावनी दी थी।
उधर, इसी घटना को लेकर शनिवार को ग्राम प्रधान नवीन राठी के नेतृत्व में दलित समाज के दर्जनों लोग इंस्पेक्टर से मिले और आरोपियों की गिरफ्तारी कर उन्हें जेल भेजने की मांग की। प्रधान ने सीओ सदर से भी फोन पर वार्ता कर दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही।
महिला संगठन ने जताया रोष
इस घटना को लेकर शनिवार को अस्तित्व महिला संस्था की निदेशिका रेहाना अदीब के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मिलकर रोष जताया। उनका आरोप था कि मौके पर मिले मृतका के कपड़े पुलिस द्वारा अपने पास न रखकर आरोपी महिला को सौंप दिए, जो सरासर गलत है। इसके अलावा पंचनामे के वक्त मौके पर किसी महिला का मौजूद ना होना भी पुलिस कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहा है। उन्होंने मुआवजे की रकम को लेकर जल्द रिपोर्ट डीएम को भेजने और पोस्ट मार्टम रिपोर्ट का खुलासा करने की मांग की। इस दौरान शादाब, प्रतिभा, रानी, नीलम, गीता, जूली, कविता, रेशमा आदि दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रही।
दलित और गुर्जर समाज में खींचतान।
क्षेत्र में गुर्जर व दलित समाज के लोगों में पिछले दिनों देवी, देवताओं की मूर्तियों के प्रति अपमानजनक व्यवहार जताने पर रोष जताया है। क्षेत्र में दलित और गुर्जर समाज के बीच किसी घटना के हो जाने पर दोनों पक्षों के नेता सक्रिय होकर मामले को तूल देने में लग जाते हैं।