मुजफ्फरनगर (मुजफ्फरनगर)।
खतौली में कारोबारी की नाबालिग बेटी को बहला फुसला कर अपहरण करने वाले राज मिस्त्री को अदालत ने पांच वर्ष का कारावास के साथ 20 हजार रुपया जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सबूत के अभाव में दो आरोपियों को बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार खतौली कसबे के मोहल्ला मिट्ठूलाल निवासी कारोबारी ने खतौली कोतवाली पर दो दिसंबर 2013 को बेटी के अपहरण का मामला दर्ज कराया था। बताया था कि उसके मकान में खोकनी निवासी राज मिस्त्री अबरार पुत्र जुबैर पत्थर लगाने का काम कर रहा था। घटना के दिन उसकी नाबालिग बेटी घर पर अकेली थी। जिसे अबरार, हसमत और इस्लाम बहला फुसला कर अपहरण कर ले गए। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे आठ वीरेंद्र कुमार पांडे की अदालत में हुई। विशेष अधिवक्ता पोक्सो पुष्पेंद्र मलिक ने कोर्ट में चार गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अबरार को दोषी करार देते हुए धारा 363 में चार वर्ष का कारावास और दस हजार रुपया का जुर्माना, धारा 366 में पांच वर्ष का कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दो आरोपियों हसमत और इस्लाम को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।