मुजफ्फरनगर। सोमवार को दलितों के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में गोली लगने से मरे अमरेश और घायल हुए तीन लोगों के परिजनों की ओर से अभी तक मुकदमे दर्ज नहीं कराए गए हैं।
शहर में हुई हिंसा के दौरान फायरिंग में गोली लगने से भोपा के गादला निवासी अमरेश, मुन्नवरपुर निवासी रेलवे कर्मी प्रताप, शेरनगर निवासी अमित और फुलत निवासी अमन घायल हुए। चारों घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने अमरेश को मृत घोषित कर दिया था। बाकी तीनों गन शॉट से घायलों को मेरठ के लिए रेफर किया गया था। बवाल और हिंसा के उपरांत पुलिस और पब्लिक की ओर से मुकदमे दर्ज कराने शुरु हुए। शहर के तीनों थानों पर मंगलवार शाम तक दर्ज हुए। हिंसा में अभी तक दर्ज कराए गए मुकदमों में फायरिंग के दौरान उक्त चारों युवकों को गोली लगने और एक युवक की मौत होने का जिक्र नहीं है। मृतक अमरेश और घायलों के परिजनों ने अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है और न ही पुलिस ने इनके परिजनों की ओर से तहरीर लेकर मुकदमे दर्ज करानेे का प्रयास किया है। गोली से एक युवक के मरने और तीन को गोली लगने के मामले में पुलिस चुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि पूछने पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक मृतक और घायलों के परिजनों की ओर से तहरीर नहीं आई है, यदि उनकी तहरीर आएगी तो मुकदमे दर्ज कर लिए जाएंगे।