दक्षिणी सिविल लाइन निवासी युवक का दस लाख रुपये का लोन कराने के नाम पर निजी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने उससे 5.53 लाख रुपये हड़प लिए। रुपये ऐंठने के बाद आरोपियों ने लोन कराने से हाथ खड़े करते हुए लिए गए रुपये लौटाने से भी इंकार कर दिया। यही नहीं, आरोपियों ने शिकायत करने पर उसे धमकी भी देनी शुरू कर दी। पीड़ित की शिकायत पर एसएसपी ने पुलिस को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
शहर के साउथ सिविल लाइन निवासी विनोद कुमार ने पुलिस ऑफिस में शिकायती पत्र देकर बताया कि उसेे निजी कार्य के लिए दस लाख रुपये की जरूरत थी। इसी दौरान उसके मोबाइल पर एक कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को कुनाल जैन बताते हुए एक निजी फाइनेंस कंपनी से लोन स्वीकृत कराने की बात कही।
युवक ने इसके बाद उसकी बात कंपनी का फाइल मैनेजर बताकर किसी आशीष मिश्रा से कराई। इसके बाद दोनों युवकों ने उसकी बात कंपनी के उच्च अधिकारी बताकर ओमप्रकाश गुप्ता सोनाल यादव व अजय कुमार से कराई।
उक्त लोगों ने फाइनेंस कंपनी के टर्म एंड कंडीशन के अनुसार, विनोद को लोन स्वीकृत कराने के लिए 50 हजार रुपये का कंपनी बांड लेने के लिए कहा, जिस पर विनोद ने ग्लोबल सर्विस कारपोरेशन बैंक नेतवा कानपुर के एक खाते में 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
आरोप है कि इसके बाद बारी-बारी से उससे अलग-अलग कार्यों के लिए क्रमश: 80 हजार, 70 हजार, 95 हजार, 60 हजार, 49 हजार व 50 हजार (कुल 5.53 लाख) रुपये कई अकाउंट में ट्रांसफर करा लिए गए।
पीड़ित के अनुसार, इसके बाद भी जब विनोद का लोन स्वीकृत नहीं हुआ तो उसने आरोपियों से अपने रुपये लौटाने के लिए कहा, जिस पर उन्होंने इससे साफ इंकार कर दिया। इसके साथ ही रुपये मांगने पर उसे धमकियां देनी भी शुरू कर दी गईं।
थक-हारकर पीड़ित ने एसएसपी से कार्रवाई की गुहार लगाई, जिस पर एसएसपी अनंतदेव तिवारी ने सिविल लाइंस थाना पुलिस को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।