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शैलेंद्र की हत्या से कठघरे में है खाकी

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शैलेंद्र की हत्या से कठघरे में है खाकी
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मुजफ्फरनगर। गांव हैदरनगर जलालपुर में सोमवार देर रात हुई मेरठ के समसपुर निवासी शैलेंद्र उर्फ हैप्पी की हत्या से पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सोमवार की देर रात डेढ़ बजे हुई वारदात की जानकारी मिलने के बावजूद थाने से गांव की करीब चार किलोमीटर की दूरी तय करने में पुलिस को करीब साढ़े तीन घंटे का लंबा वक्त लगा। इसके चलते न केवल हत्यारों को सुरक्षित निकलने का मौका मिला, बल्कि तब तक गंभीर रूप से घायल मनीष भी जिंदगी-मौत के बीच जूझता रहा।
तितावी थाने से गांव हैदरनगर जलालपुर की दूरी बमुश्किल चार किलोमीटर है। गांव के रिक्शा स्टैंड पर सोमवार देर रात करीब डेढ़ बजे बदमाशों ने मेरठ के फलावदा थाना क्षेत्र के गांव समसपुर निवासी शैलेंद्र उर्फ हैप्पी को गोली मारते हुए उसके चचेरे भाई मनीष पर किसी वजनदार वस्तु से प्रहार कर उसे भी लहूलुहान कर दिया। मनीष ने घटना की सूचना अपने परिजनों को दी, जिन्होंने हैप्पी के साले सचिन को कॉल कर उसे घटना के बारे में बताया। इसके बाद आजाद व सचिन आदि परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पीड़ित परिजनों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद सूचना दिए जाने के बावजूद थाना पुलिस करीब पांच बजे गांव में पहुंची, जिसके बाद घायल मनीष को जिला अस्पताल ले जाया गया और शव को मोर्चरी पहुंचाया गया। थाना पुलिस की इस गंभीर लापरवाही की तस्दीक जिला अस्पताल की लिखापढ़ी भी कर रही है, जिसमें घायल मनीष को सुबह 5.20 बजे दाखिल करने और शव को सुबह 5.25 बजे लेकर आने की सूचना दर्ज है।
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इन्होंने कहा ..........
चार किलोमीटर की दूरी साढ़े तीन घंटे में तय करने वाले एसओ तितावी क्षितिज कुमार का कहना है कि घटना करीब डेढ़ बजे की है, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी सुबह 3.30 बजे दी गई। सूचना मिलने के बाद वे मौके पर पहुंच गए थे। हालांकि एसओ के ही शब्दों में, सूचना मिलने के बावजूद थाना पुलिस घटनास्थल पर करीब डेढ़ घंटे बाद क्यों पहुुंची? इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं है।
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