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फेसबुक पर सबसे तेज दौड़ा उपद्रव

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मुजफ्फरनगर। अभी दंगों के दाग से मुक्ति नहीं मिली थी, नया जख्म देकर जिले को फिर सुर्खियों में ला दिया। मनहूस वक्त और नासमझों की करतूतों का शिकार हूं...हां मैं मुजफ्फरनगर हूं। यूं तो देश के कई राज्यों में हिंसा हुई है, लेकिन उपद्रव का ऐसा भयानक आलम कहीं नहीं रहा। फेसबुक, सोशल मीडिया पर जनपद का उपद्रव सबसे तेज दौड़ा है। इतना ही नहीं, बंद की आड़ में उपद्रव की आजादी का नंगे नाच पर लोगों ने खूब प्रतिक्रियाएं जाहिर की है।
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2 अप्रैल का दिन ऐसा होगा किसी नहीं सोचा था। एक्ट में बदलाव का विरोध हिंसात्मक रुप में सामने आया। हजारों की भीड़ के आगे किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस, प्रशासन और पब्लिक कुछ समझ पाती, उससे पहले ही उपद्रवी हावी हो गए। लोगों ने जनपद में हुए उपद्रव की फुटेज, वीडियो को फेसबुक, सोशल मीडिया पर डाली तो यह समूचे देशभर में दौड़ गई। लोगों ने सरकार, पुलिस के साथ उपद्रवियों को बराबर का कसूरवार ठहराया है। कमेंट किए गए कि कब तक अराजकता के माहौल में जिंदगी जिएंगे। दिलों में नफरत लिए आगे बढ़े नीला झंडाधारियों ने कारे जलाईं, आगजनी कर मन को तसल्ली दी। वहीं, फेसबुक पर एक बार मुजफ्फरनगर सुर्खियों में है। वर्ष 2013 के बाद 2018 में फेसबुक पर उपद्रव ने रफ्तार पकड़ी है। देश के साथ विदेश से लोगों ने कमेट में सेम लिखकर कृत्यों को असामाजिक कार्य करार दिया है। कईयों ने वेस्ट यूपी में जिले के उपद्रव को सबसे घातक बताया।
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