मुजफ्फरनगर। कोर्ट ने अवैध शस्त्र रखने वाले अभियुक्त के इकबाल ए जुर्म के साथ दया की याचिका देने पर उसे जेल में बिताई अवधि 32 माह का कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार एसटीएफ के उप निरीक्षक राजीव कुमार सक्सेना ने 14 अक्टूबर 2014 को शहर कोतवाली पर यह मुकदमा दर्ज कराया था। एसआई ने बताया था कि सूचना मिली थी कि मुजफ्फरनगर में कुख्यात राहुल खट्टा शरण लिए है। उन्होंने टीम के साथ मुजफ्फरनगर पहुंचकर क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर चरथावल रोड पर एक भट्ठे पर दबिश दी, जहां पुलिस की राहुल खट्टा गैंग से मुठभेड़ हुई। चार बदमाश कुंवरपाल, इमरान, राकेश और गौरव बालियान को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया।
इमरान के पास एक तमंचा मय कारतूस बरामद हुआ। इमरान के मुकदमे की सुनवाई एडीजे अभिमन्यु की कोर्ट संख्या 3 में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पवन सिंघल ने गवाह और सबूत पेश किए। अभियुक्त इमरान ने सुनवाई के दौरान अदालत में दया याचिका पेश करते हुए कहा था कि यह उसका पहला अपराध है और भविष्य में कोई अपराध नहीं करेगा। इस दया याचिका पर गौर करते हुए न्यायाधीश ने अभियुक्त इमरान पुत्र बुद्धू निवासी कुसैड़ी थाना जानी, मेरठ को जेल में बिताई गई अवधि 32 माह का कारावास और 2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न अदा करने पर पांच दिन और जेल में रहना पड़ेगा। अभियुक्त इमरान 14 अक्टूबर 2014 से जेल में बंद है।