कसौली के नरेंद्र हत्याकांड में युवक दोषी करार
मुजफ्फरनगर। अदालत ने कसौली के नरेंद्र हत्याकांड में एक युवक को हत्या का दोषी करार दिया है। सजा 16 अगस्त को सुनाई जाएगी।
भोपा थाने पर कसौली निवासी नीरज कुमार पुत्र राजेंद्र ने 14 मई 2015 को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि गांव के ही संजय पुत्र सुखबीर से उनका जमीन विवाद का मुकदमा चल रहा है। घटना के दिन वह व उसका चाचा नरेंद्र अदालत में पेशी कर वापिस गांव आ रहे थे। वह गांव में आए तो उनको संजय गांव के मुख्य रास्ते में खड़ा मिला। मुकदमे की पैरवी करने पर संजय ने उसके चाचा नरेंद्र की दो गोली मार कर हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे गौरव कुमार श्रीवास्तव की अदालत संख्या प्रथम में हुई। एडीजीसी जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में नौ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए संजय को हत्या का दोषी करार देते हुए जेल भेजा है। संजय बीते तीन साल से जेल में बंद है।
विक्की त्यागी हत्याकांड में सौरभ मलिक पर आरोप तय
मुजफ्फरनगर। विक्की त्यागी हत्याकांड में आरोपी सौरभ मलिक को कड़ी सुरक्षा में गाजियाबाद की डासना जेल से यहां लाकर कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उस पर विभिन्न धाराओं में आरोप तय किए। अगली सुनवाई के लिए 29 अगस्त की तारीख नियत की गई है।
विक्की त्यागी हत्याकांड में सीबीसीआईडी ने आठ आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्टशीट दाखिल की थी। मुख्य हत्यारोपी सागर मलिक के भाई सौरभ मलिक को भी हत्याकांड में आरोपी बनाया गया था। आठ आरोपियों में से सागर मलिक, ब्रजबीर, सईद मुल्ला और सौरभ मलिक जेल में है, जबकि चार आरोपी फरार चल रहे हैं। सोमवार को तारीख होने पर गाजियाबाद की डासना जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस ने सौरभ मलिक को यहां लाकर कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उस पर विभिन्न धाराओं में चार्ज फ्रेम किए। कोर्ट में अगली सुनवाई के लिए 29 अगस्त की तारीख नियत की है। पेशी के बाद सौरभ मलिक को कड़ी सुरक्षा में वापस गाजियाबाद ले जाया गया। बताते चले कि विक्की त्यागी की 16 फरवरी 2015 को कोर्ट में गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई थी।
बड़कली कांड में डाक्टर के बयान दर्ज
मुजफ्फरनगर। बड़कली के सामूहिक हत्याकांड में शवों का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के कोर्ट में बयान हुए। डॉक्टर राधेश्याम के बयान दर्ज हुए। डॉक्टर ने कलावली के शव का पोस्टमार्टम किया था। बयान के बाद कोर्ट ने सुनवाई 17 अगस्त तक स्थगित कर दी। बताते चले कि बड़कली के सामूहिक हत्याकांड में एक ही परिवार के आठ सदस्यों की हत्या की गई थी।