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क्राइम ब्रांच में जाकर भी आगे नहीं बढ़ पाई जांच

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क्राइम ब्रांच में जाकर भी आगे नहीं बढ़ पाई जांच
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मुजफ्फरनगर। आसाराम के खिलाफ गवाही देने पर मारे गए अखिल गुप्ता की हत्या के मामले में पुलिस लापरवाही के चलते जांच रुक गई है। सात बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी सवा साल से पुलिस अहमदाबाद जेल में बंद हत्यारोपी कार्तिक हलदार को आज तक स्थानीय कोर्ट में पेश नहीं करा पाई है। अफसरों द्वारा जांच क्राइम ब्रांच को भेजने के बाद तो जांच पूरी तरह से ठप पड़ गई है। मामले को लेकर मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश है।
सूरत की दो बहनों के रेप के आरोप में राजस्थान की जोधपुर जेल में बंद संत आसाराम के खिलाफ मामले में नई मंडी कोतवाली के गंगा एन्कलेव निवासी अखिल गुप्ता मुख्य गवाह था। आसराम के गुर्गों के दबाव के आगे गवाही देने से नहीं हटने पर 11 जनवरी 2015 को अखिल की जानसठ रोड पर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। मामले के मुख्य आरोपी पश्चिम बंगाल निवासी कार्तिक हलदार को गुजरात एसटीएफ ने मार्च, 2017 में छत्तीसगढ़ के रायपुर से गिरफ्तार किया था। हलदार अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद है। नई मंडी कोतवाली पुलिस छह बार उसकी पेशी को लेकर अहमदाबाद पुलिस को रिमाइंडर भेज चुकी है, लेकिन गुजरात पुलिस ने उसकी पेशी नहीं कराई। सीजेएम ने वहां की पुलिस को कड़ा पत्र लिखकर आरोपी को पेश करने को कहा था, लेकिन फिर भी कार्तिक की पेशी नहीं हो पाई। जांच जस की तस अटकी रही। मामले में पुलिस की लापरवाही को देखते हुए पूर्व एसएसपी बबलू कुमार ने मामले की जांच 26 अप्रैल को क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी। यहां भी जांच को सवा माह बीत चुका है, लेकिन हालात जस के तस है। मृतक के पिता नरेश गुप्ता का कहना है कि पुलिस ने देश के इस हाई प्रोफाइल मामले का मजाक बनाकर रख दिया है। पुलिस हलदार की पेशी को लेकर सीरियस नहीं है। पीड़ित का कहना है पुलिस की लापरवाही के चलते केस की जांच प्रभावित हो रही है।
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परिवार की जान को खतरा
मुजफ्फरनगर। अखिल के पिता नरेश गुप्ता का कहना है कि गुजरात पुलिस और कोर्ट ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा को लेकर यूपी पुलिस को एहतियात बरतने को कह रखा है। मामला हाईप्रोफाइल है। देश के अन्य हिस्सों में आसाराम के खिलाफ गवाही देने वालों पर लगातार हमले हो रहे हैं। अखिल की हत्या के बाद से ही चार एसएसपी और आधा दर्जन निरीक्षक बदले जा चुके हैं, लेकिन पुलिस लापरवाही का आलम ये है कि जांच तो आगे चल ही नहीं रही है। उधर, पीड़ित के परिवार की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मियों में भी कमी कर दी गई है। हर दम परिवार की जान पर खतरा मंडरा रहा है। अखिल की हत्या के बाद उसकी पत्नी वर्षा मामले में अहम गवाह है। परिजनों का कहना है कि कभी भी परिवार पर हमला हो सकता है।
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