छाती में गोली लगते फेफड़ों में पहुंच गया था ब्लड
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। सोमवार को हिंसा के दौरान गादला के अमरेश की मौत छाती में गोली लगने के दो-तीन मिनट बाद ही हो गई थी। बुलेट के प्रहार के बाद वह चंद ही सांस ले पाया होगा। उसकी मौत ढाई से तीन बजे के बीच हुई।
भारत बंद के दौरान हुए उपद्रव और फायरिंग के दौरान गादला के अमरेश की मौत हो गई थी। उसका पोस्टमार्टम करने वाले जिला चिकित्सालय के डॉक्टर मुकेश ने बताया कि अमरेश की मौत छाती में सीधे गोली लगने से हुई। गोली लगने के बाद वह चंद सांस ही ले पाया होगा। ब्लड उसके फेफड़ों में चला गया और उसकी दो से तीऩ मिनट के बीच में मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उसकी मौत ढाई से तीन बजे के बीच हुई है। उसने सुबह का नाश्ता किया था, लेकिन दोपहर का खाना वह नहीं खा पाया था। डॉ मुकेश ने बताया कि गोली किस वेपन से चली और कितनी दूर से मारी गई, यह तो एक्सपर्ट ही बता पायेंगे। इतना जरुर है कि गोली कुछ दूरी से लगी है।