पिता ही निकला नौशाद का कातिल
खतौली (मुजफ्फरनगर)। पुलिस ने नौशाद हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने बताया कि नौशाद की आपराधिक गतिविधियों से तंग आकर उसकी हत्या पिता ने ही कर दी थी। हत्यारोपी पिता ने पुलिस को गुमराह करने के लिए परिजनों से मिलकर बदमाशों द्वारा हत्या करने का नाटक रचा था। पुलिस ने हत्यारोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
इंस्पेक्टर पीतम पाल सिंह ने कोतवाली में हत्याकांड का खुलासा करते हुए पत्रकारों को बताया कि मोहल्ला इस्लामनगर निवासी रफीक ने 21 सितंबर की देर रात करीब तीन बजे पुलिस को सूचना दी कि बदमाशों ने घर में घुसकर उसके पुत्र कपड़ा व्यापारी नौशाद (22) की हत्या कर दी है। सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। उस वक्त रफीक ने पुलिस को गुमराह करते हुए बताया था कि तीन नकाबपोश बदमाशों ने आवाज लगाकर दरवाजा खुलवाया। दरवाजा खोलते ही एक बदमाश ने उसको गन प्वाइंट पर ले लिया और बाकी दो बदमाशों ने कमरे में घुसकर नौशाद की डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक के पिता रफीक की ओर से ही अज्ञात तीन बदमाशों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। पुलिस को रफीक पर उसी दिन शक हो गया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि शक के आधार पर रफीक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। रफीक ने बताया कि वह अपने पुत्र नौशाद के आपराधिक कार्यों और शराब पीने का आदी होने से तंग आ गया था। उसको दो बेटों और बेटी का निकाह करना था, जिनमें नौशाद का भी निकाह होना था। 22 सितंबर की सुबह नौशाद का लाल खत आना था। निकाह के लिए उसने घर में डेढ़ लाख रुपये रखे थे। इन पैसों को चोरी करके नौशाद जुए में हार गया, इसलिए उसने 21 सितंबर की रात को नशे में सोए हुए नौशाद के सिर में डंडे से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस से बचने के लिए उसने परिवार के सदस्यों को विश्वास में लेकर घटना को बदमाशों के घर में घुसकर नौशाद की हत्या करने का रूप दिया। पुलिस ने हत्यारोपी रफीक की निशानदेही पर घर के अंदर से हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद कर उसे जेल भेज दिया।
बेटी ने डंडा मारते पिता को पकड़कर रोका था
इंस्पेक्टर पीपी सिंह ने बताया हत्यारोपी पिता रफीक ने 21 सितंबर को दिन से ही नौशाद की हत्या करने का मन बना लिया था। शाम को परिवार के लोगों को भी शक हो गया था। नौशाद शाम को शराब के नशे में घर पहुंचा और कमरे में चारपाई पर सो गया। पिता रफीक ने नौशाद के सिर में डंडा मारा, तो बेटी तमन्ना ने उसे पकड़कर भाई की हत्या करने से रोका। इसके बावजूद वह अपने गुस्से पर काबू नहीं कर सका। बेटी के रोकने पर भी नौशाद के सिर पर तब तक प्रहार करता रहा, जब तक उसका दम नहीं निकल गया।