(अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ...)
- अखिल गुप्ता हत्याकांड
- पानीपत पुलिस करनाल जेल से लेकर अदालत पहुंची
- अखिल हत्याकांड के वारंट को कराया गया तामील
- कोर्ट ने चार अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजा
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर।
संत आसाराम के विरुद्ध रेप कांड में गवाह बनाए गए अखिल गुप्ता हत्याकांड के मुख्य आरोपी कार्तिक हलदर को पानीपत पुलिस ने करनाल जेल से लाकर बृहस्पतिवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। उसके हत्याकांड के वारंट तामील कराए गए। अदालत ने उसे चार अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में वापस करनाल जेल भेज दिया। मामले की जांच कर रहे आईओ मनोज कुमार शर्मा अब जेल में उसके 161 के बयान दर्ज करेंगे, इसके बाद ही उसे रिमांड पर लिया जाएगा।
आसाराम के रसोईए नईमंडी के गीता एनक्लेव निवासी अखिल गुप्ता की ढाई साल पहले 11 जनवरी 2015 को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह अपनी दुकान से घर लौट रहा था। जिस रेप कांड में आसाराम जेल गया था, उस मामले में अखिल गुप्ता मुख्य गवाह था। मृतक के पिता नरेश चंद्र गुप्ता ने नई मंडी कोतवाली में अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस को इस वारदात में कोई सफलता नहीं मिली थी। डेढ़ साल पहले अप्रैल 2016 को गुजरात एटीएस ने रायपुर से अहमदाबाद के कार्तिक हलदर को गिरफ्तार कर अखिल गुप्ता हत्याकांड का खुलासा किया था। तब पता चला था कि कार्तिक ने मीरापुर के नीरज की मदद से मुजफ्फरनगर में रहकर रेकी करने के बाद अखिल की हत्या की थी। बाद में वह गुजरात फरार हो गया था। मामले की जांच नईमंडी कोतवाली पुलिस से क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी।
पुलिस ने कई बार उसके बी वारंट लिए, मगर अहमदाबाद पुलिस ने उसे यहां लाकर कोर्ट में पेश नहीं किया। इसी दौरान पानीपत में हुए एक अन्य गवाह की हत्या के मामले में पानीपत पुलिस उसे बी वारंट पर करनाल जेल ले आई थी। पानीपत पुलिस को भी कई बार वारंट जारी किए गए, जिस पर बृहस्पतिवार को पानीपत पुलिस ने कार्तिक हलदर को यहां लाकर कोर्ट में पेश किया।
पति के हत्यारोपी को चप्पल से पीटा
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मुजफ्फरनगर। पानीपत पुलिस कड़ी सुरक्षा में कार्तिक हलदर को लेकर यहां पहुंची थी। जानकारी मिलने पर अखिल के पिता नरेशचंद गुप्ता और उसकी पत्नी वर्षा गुप्ता भी यहां पहुंच गए। परिजन कोर्ट के बाहर कार्तिक हलदर के निकलने का इंतजार कर रहे थे। कोर्ट से निकल कर जब हरियाणा पुलिस कार्तिक को लेकर बाहर आई तो तभी उसे देखकर वर्षा का गुस्सा फूट पड़ा। उसने चप्पल निकाल कर कार्तिक की पिटाई की। महिला पुलिसकर्मियों ने वर्षा को समझा-बुझाकर शांत किया। वर्षा और परिजन पैदल उसके पीछे सदर हवालात तक पहुंचे। इस दौरान पुलिस वालों से उसकी बहस भी हुई। मामला बढ़ता देखकर सिविल लाइन पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। बाद में भारी सुरक्षा के बीच कार्तिक को यहां से करनाल जेल ले जाया गया।