भूपखेड़ी में तनाव बरकरार, दलितों में दहशत
रतनपुरी/खतौली (मुजफ्फरनगर)।
गांव भूपखेड़ी में बृहस्पतिवार को हुए जातीय संघर्ष के बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकार है। इस घटना को लेकर दलितों में दहशत व्याप्त है। दलित बस्ती सुनसान पड़ी हुई है और लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकले। पुलिस ने ठाकुर समाज से नामजद चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ठाकुर समाज की ओर से भी दलित पक्ष के सात लोगों को नामजद कराया गया है। एसएसपी और एडीएम प्रशासन भी गांव पहुंचे।
रतनपुरी के गांव भूपखेड़ी में बृहस्पतिवार सुबह दलित और ठाकुर समाज के लोगों में संघर्ष हो गया था। हमलावरों ने अंबेडकर की प्रतिमा भी क्षतिग्रस्त कर दी थी। हमले में दोनों पक्षों के डेढ़ दर्जन लोग घायल हो गए थे। घटना के बाद से गांव में दोनों पक्षों में तनाव व्याप्त है। घटना को लेकर दलित समाज के लोग पूरी तरह से भयभीत हैं। दलित अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। बस्ती सुनसान पड़ी हुई है। शुक्रवार को एसएसपी अनंत देव तिवारी ने गांव पहुंचकर दोनों पक्षों से घटना के बारे में पूछताछ की। एसएसपी से ठाकुर समाज के लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच-पड़ताल कराकर बेगुनाहों पर कार्रवाई नहीं करने की मांग की। एसएसपी ने आश्वासन दिया कि किसी बेगुनाह को जेल नहीं भेजा जाएगा।
इस दौरान एडीएम हरीशचंद्र, एसपी देहात अजय सहदेव, एसडीएम कन्हई सिंह, सीओ बुढ़ाना हरिराम यादव मौजूद रहे। पुलिस ने बृहस्पतिवार रात दबिश देकर ठाकुर पक्ष से नामजद आरोपी विशाल पुत्र मुकेश, विजय पुत्र राकेश सिंह, उमेश पुत्र धीरज और प्रशांत उर्फ प्रीत पुत्र कन्हैया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उधर, पुलिस ने ठाकुर समाज से धीरज पुत्र होराम की तहरीर पर दलित पक्ष के सात लोगों को नामजद करते हुए कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया है। गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस व पीएसी बल तैनात है। बृहस्पतिवार रात से ही एसपी देहात अजय सहदेव, एसडीएम कन्हई सिंह और सीओ बुढ़ाना हरिराम यादव गांव में कैंप किए हुए हैं।
भूपखेड़ी विवाद के पीछे छेड़छाड़ नहीं : कप्तान
- चप्पल चोरी के झूठे आरोप ने कराया गांव में बखेड़ा
(फोटो समाचार)
अमर उजाला ब्यूरो
रतनपुरी/खतौली। रतनपुरी थाने में एसएसपी अनंत देव तिवारी ने पत्रकार वार्ता में बताया कि जांच-पड़ताल करने पर पता चला कि भूपखेड़ी में दलित और ठाकुरों के बीच छेड़छाड़ को लेकर विवाद नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के लोग संत रविदास धर्मशाला में शोभायात्रा के बाद बुधवार रात सत्संग कर रहे थे। इस दौरान वहां ठाकुर बिरादरी के हर्षित, मोहित, सोनू, उमेश भी मौजूद थे। अनुसूचित जाति के लोगों ने हर्षित आदि पर चप्पल चोरी करने का आरोप लगाया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। जिसकी सूचना 100 नंबर पर दी गई। पुलिस टीम के पहुंचने पर ग्रामीणों द्वारा दोनों पक्षों को समझा कर अलग कर दिया गया था। पुलिस टीम को बच्चों का झगड़ा कहकर ग्रामीणों ने वापस कर दिया।
बृहस्पतिवार सुबह ठाकुर पक्ष के मोहित, विक्की अपने स्कूल गांव रार्धना में परीक्षा देकर वापस आ रहे थे, तभी अनुसूचित जाति के प्रकाश दिशा शौच के लिए जा रहा था। इन लड़कों ने प्रकाश को रोककर उसके साथ चप्पल चोरी के आरोपों को लेकर मारपीट कर दी। शोर शराबा सुनकर अनुसूचित जाति पक्ष के अंकित, मोगली आ गए और इनके द्वारा विक्की के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। झगड़े की सूचना पर ठाकुर पक्ष व अनुसूचित जाति पक्ष के लोग मौके पर लाठी-डंडे लेकर पहुंचे और दोनों पक्ष में मारपीट हुई।
जिसमें दलित पक्ष से संतोष, प्रकाश संतोष, टेक्का और ठाकुर पक्ष से प्रशांत उर्फ तन्नु, संदीप, गौरव को चोटें आईं। अनुसूचित जाति के पक्ष के सोमपाल द्वारा थाने पर उपरोक्त मारपीट के अलावा डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित करने के संबंध में ठाकुर पक्ष के उमेश, हर्षित आदि 18 लोगों के विरुद्ध थाने पर तहरीर दी गई। जिसका मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। दूसरे पक्ष से भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसएसपी ने बताया कि गांव में अब किसी तरह का कोई विवाद नहीं है। गांव में शांति व्याप्त है, एहतियातन पुलिस बल तैनात है।