महिला प्रधान से मारपीट करने वाले को जेल भेजा
भोपा। महिला प्रधान के साथ मारपीट करते हुए युवक ने बच्चों का अपहरण करने की धमकी दी। प्रधान के पति ने युवक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मोरना निवासी प्रधान के पति शहजाद अंसारी ने बताया कि मंगलवार शाम उसके दो बच्चे शाह फैसल व शाहरजा घर के बाहर किसी कार्य से बाजार की ओर गए थे। इसी दौरान गांव के ही मजहर ने दोनों बच्चों को पकड़ लिया व उनके साथ अश्लील हरकत करने लगा। बच्चों ने विरोध किया तो मजहर के हाथ से मोबाइल छूटकर जमीन पर गिर गया। दोनों बच्चे रोते हुए घर पहुंचे ही थे तो पीछे से मजहर भी पहुंच गया और गालीगलौज करने लगा। शहजाद अंसारी की पत्नी ग्राम प्रधान गुलशन ने इसका विरोध किया। मजहर ने प्रधान को धक्का मुक्की देते हुए मारपीट प्रारंभ कर दी। इसी बीच प्रधान के सर से चुन्नी को उतार कर दूर फेंक दिया। मजहर महिला प्रधान से मोबाइल के 9 हजार रुपए कीमत के रुप में मांगने लगा। उसने कहा कि उसका पति घर पर नहीं हैं। उनके आने पर पैसे दे दिए जाएंगे। आरोपी द्वारा धमकी दी गई कि अगर उसके मोबाइल की रकम नहीं दी तो वह उसके दोनों बच्चों का अपहरण कर नौ लाख रुपये वसूल करेगा। आरोप है कि आरोपी ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। एसएसआई लेखराज सिंह ने बताया कि प्रधान के पति की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करके आरोपी का चालान कर दिया गया हैं। उधर आरोपी के पिता अफजल का कहना है कि उसके बेटे पर लगाए आरोप निराधार हैं। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में लगी हुई है।
किसान से मजदूरी के पैसे दिलाने की मांग
भोपा। नेपाल के दंपति ने थाने में तहरीर देकर किसान से मजदूरी की रकम दिलाने की मांग की है। नेपाल के जिला बागलुंग निवासी संतोष कुमार ने बताया कि 10 माह पूर्व वह अपनी पत्नी सहित गांव मलपुरा में मजदूरी के लिए आया था। इसी गांव में पहले से ही नेपाल निवासी एक व्यक्ति रहता है, जिसके माध्यम से वह मलपुरा गांव में एक किसान के यहां मजदूरी करने लगे। मजदूर दंपति का आरोप है कि 10 माह बीत जाने के बाद भी उसकी मजदूरी की रकम नहीं मिली है। जब कि उसकी पत्नी की भी तबीयत खराब चल रही है। थाने में तहरीर देकर पुलिस से मजदूरी के 1 लाख 35 हजार रुपए दिलाए जाने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
घरेलू कलह में जहर खाने वाला परिवार मेरठ रेफर
अमर उजाला ब्यूरो
भोपा। जहर खाने वाले परिवार को मेरठ रेफर किया गया है। बाप बेटे की तबीयत ठीक नहीं है। जबकि अन्य सभी की हालत में सुधार बताया जा रहा। घरेलू कलह के चलते मंगलवार की देर शाम सभी लोगों ने अपने ही खेत में जाकर जहरीला पदार्थ खा लिया था।
गांव नन्हेड़ा निवासी मनोज पिछले कई वर्षो से अपने परिवार के साथ मुजफ्फरनगर की बच्चन सिंह कालोनी में रह रहा है। शहर में वह ई रिक्शा चलाता है। पिता ओमपाल गांव नन्हेड़ा में अपने छोटे भाई के साथ रहता है। एक परिजन के अनुसार मनोज की अपने पिता ओमपाल से भूमि बंटवारे सहित कई मामलों को लेकर कहासुनी होती रहती थी। मनोज चाहता था कि खेती की जमीन उसके नाम हो। बच्चन सिंह कालोनी में बने मकान को लेकर भी उसको कहासुनी पिता आदि से हो गई थी। मंगलवार को मनोज ने अपनी पत्नी संगीता, बेटी मांसी, साक्षी, अंतिम व बेटे अनमोल को अपनी ई रिक्शा से लेकर अपने गांव नन्हेंड़ा पहुंचा और पूरे परिवार को अपने खेत पर ले गया। जहां सभी को यह कहते हुए जहरीला पदार्थ खा लिया कि ऐसी जिंदगी जीने से कोई फायदा नहीं है। इसके बाद हालत बिगड़ती गई। सूचना पर पुलिस ने सभी को जिला चिकित्सालय भर्ती कराया। जहां से चिकित्सकों ने गंभीर हालत में सभी को मेरठ रेफर कर दिया। पिता मनोज व बेटे अनमोल की हालत में अभी सुधार नहीं हुआ है, जबकि मां और तीनों बेटियों की हालत में सुधार बताया जा रहा है। बुधवार को मेरठ पहुंचकर पुलिस ने जहर खाने के कारणों की जांच पड़ताल की, लेकिन घर मुखिया के होश में नहीं होने से कारण पूर्ण जानकारी नहीं हो पाई है। बताया गया है कि मनोज के छोटे भाई की 20 वर्ष पूर्व संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी।