फाइनेंसर गौरव नागर की हत्या में नामजद हत्यारोपी इंद्र भी शामिल था। पुलिस ने खुलासा किया कि हत्यारोपी दोनों भाइयों परमिंद्र व इंद्र ने ही फाइनेंसर की हत्या करने की साजिश रची थी। पुलिस ने हत्यारोपी इंद्र को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही हत्या मेें प्रयुक्त लोहे की रॉड भी बरामद की है। पुलिस ने हत्यारोपी इंद्र को जेल भेज दिया है। इस हत्याकांड में अब तक तीन हत्यारोपी जेल जा चुके हैं। पुलिस फरार हत्यारोपी मोनू को पकड़ने में लगी है।
इंस्पेक्टर पीपी सिंह ने बताया कि गांव पाल निवासी फाइनेंसर गौरव नागर की 21 जुलाई को गांव सराय रसूलपुर के रहने वाले परमिंद्र व उसके भाई इंद्र और गांव निवासी दो दोस्तों मोनू और अब्बास ने हत्या कर शव को बाइक समेत गंगनहर में फेंक दिया था। पुलिस ने बुधवार को आरोपियों की निशानदेही पर गंगनहर से मृतक की बाइक को बरामद किया था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने सठेड़ी गंगनहर पुल के पास से फाइनेंसर का शव भी बरामद किया था। पुलिस ने हत्यारोपी अब्बास से तमंचा बरामद किया था और हत्यारोपी परमिंद्र की निशानदेही पर शव बरामद किया। पुलिस ने दोनों हत्यरोपियों को जेल भेज दिया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि पुलिस ने रविवार को जानसठ तिराहे से नामजद हत्यारोपी इंद्र को भी गिरफ्तार किया। हत्यारोपी की निशानदेही पर घटनास्थल के पास ईख के खेत से लोहे की रोड बरामद की है, जिससे उसने फाइनेंसर के सिर पर प्रहार किया था। इंस्पेक्टर ने बताया कि हत्यारोपी दोनों भाइयों परमिंद्र व इंद्र ने ही फाइनेंसर की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने हत्यारोपी को जेल भेज दिया है।
गौरव को तलाश कराने में इंद्र साथ लगा रहा
फाइनेंसर गौरव नागर 21 जुलाई के दिन लापता हुआ था। हत्यारोपी इंद्र किसी को शक न हो इसलिए वह सभी को गुमराह करने के लिए परिवार के लोगों और ग्रामीणों के साथ गौरव को तलाश कराने में रात दिन लगा रहा। उसने किसी को भी भनक तक नहीं लगने दी कि उन्होंने गौरव की हत्या कर दी है। पुलिस को शक हुआ तो हत्याकांड से जुड़ी कड़ी से कड़ी खुलती चली गई और पुलिस के हाथ कातिलों के गिरेबान तक जा पहुंचे।
हत्यारोपी ही फाइनेंसर की रेकी कर रहा था
हत्यारोपी इंद्र ही फाइनेंसर की कई दिनों से रेकी कर रहा था। इंद्र मृतक के भाई फौजी विनीत के यहां काम करता था और उसके ही मकान में रह रहा था। हत्यारोपी छोटा भाई परमिंद्र ने भी फाइनेंसर की जमीन बंटाई पर ली थी और उसके मकान में ही किराए पर रहता था। इसलिए दोनों भाई इस परिवार को अच्छी से जानते थे। पुलिस के मुताबिक इंद्र ही कई दिनों से फाइनेंसर की रेकी कर रहा था। हत्या करने वाले दिन भी इंद्र ने ही फाइनेंसर के आने की जानकारी छोटे भाई परमिंद्र को दी थी।