ऋण के फर्जीवाड़े में सात कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट
चरथावल। बिरालसी सहकारी समिति में पांच साल पहले सरकार द्वारा ऋण माफी योजना के तहत तीन दर्जन अपात्र किसानों का ऋण माफ दर्शाकर 11.57 लाख रुपये गबन का मामला प्रकाश में आया था। जांच के बाद एडीओ ने थाने में तत्कालीन सचिव और तत्कालीन बैंक प्रबंधक समेत सात कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी कर सरकारी धन के गबन का मुकदमा दर्ज कराया है।
करीब एक साल पहले बिरालसी किसान सेवा सहकारी समिति में वर्ष 2012 में ऋण माफी योजना के तहत 11 लाख 57 हजार 265 रुपये का फर्जी ऋण दर्शाकर 36 अपात्र किसानों के नाम से निकालने का मुद्दा भाकिसं ने उठाया था। उस दौरान किसानों द्वारा ठाकुर पूरण सिंह के नेतृत्व में समिति कार्यालय पर हंगामे-प्रदर्शन के बाद डीएम ने मामले में जांच बैठा दी थी। जांच-पड़ताल में मामले की पुष्टि होने के बाद एडीओ सुधीर कुमार ने तत्कालीन सचिव नरेंद्र कुमार, जिला सहकारी बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत सात कर्मचारियों के खिलाफ फर्जीवाड़ा कर धन हड़पने की एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।