मोरना। भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में ग्राहकों के लाखों रुपये निकालने के मामले की जांच करने बैंक के उच्चाधिकारियों की टीम भोपा पहुंची। टीम में शिकायतकर्ताओं के खातों की जानकारी लेने के साथ ही बैंक कर्मचारियों से भी बातचीत की। उधर, घपलेबाजी को लेकर बृहस्पतिवार को भी ग्राहकों का बैंक में प्रदर्शन जारी रहा।
गांव ककरौली स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा एक वर्ष से विवादों का केंद्र बनी हुई है। बैंक खातों से लाखों रुपयों की रकम को निकालने के आरोप लगाते बुधवार को ग्राहकों ने हंगामा खड़ा कर दिया था। ककरौली थानाध्यक्ष जितेंद्र अंबावत किसी तरह शाखा प्रबंधक को सुरक्षित निकाल कर थाने ले आए थे। बृहस्पतिवार को भी ग्राहकों की भारी भीड़ शाखा पर एकत्र हो गई। ग्राहक मोहम्मद यूनुस ने बताया कि उनके खाते से 8 लाख 60 हजार रुपये फर्जी हस्ताक्षर कर निकाल लिए गए। लियाकत ने दो लाख, भारतवीर ने 3 लाख 90 हजार, ओमवीर 67 हजार, मनोज एक लाख दस हजार, शिवकुमार एक लाख, शमशाद एक लाख 82 हजार, जल सिंह 25 हजार, गुफरान 3 लाख 40 हजार, आबाद 3 लाख 34 हजार, रुखसाना 2 लाख, ओमप्रकाश 3 लाख 22 हजार, मनोज 73 हजार, तिलकराम, 59 हजार, जर्रार हुसैन 1 लाख 40 हजार सहित अन्य ग्राहकों ने भी बैंक खातों से लाखों की रकम के हड़पने के आरोप बैंक शाखा पर लगाए। शाखा पर लग रहे आरोपों की जांच के लिए पहुंची टीम के अधिकारी एजीएम आरपी सिंह, सुधीर जैन जानसठ शाखा प्रबंधक, दीपक शर्मा तिस्सा शाखा प्रबंधक ने कहा कि ग्राहक पनी शिकायत लिखित में बैंक में दे दें। सभी शिकायतों का शीघ्र ही निस्तारण कर दिया जाएगा। टीम के अधिकारियों ने बैंक में घपलेबाजी की जांच पड़ताल की। इस दौरान भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष विकास ने बैंक स्टाफ व अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए ग्रामीणों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कर निष्पक्ष जांच तथा दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की।