फोरेंसिक टीम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
मुजफ्फरनगर। गांव में शुक्रवार तड़के अनुसूचित जाति की किशोरी की झोपड़ी में जलने से हुई मौत के मामले में शनिवार को फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। प्रथम दृष्टया जांच में भी किशोरी की मौत हादसे में ही होने की जानकारी मिली है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव स्थित ईंट-भट्ठे पर शुक्रवार तड़के झोपड़ी में संदिग्ध हालात में लगी आग में उसमें सो रही किशोरी की जलने से मौत हो गई थी। सुबह करीब पांच बजे घटना का पता तब चला, जब आसपास के ग्रामीणों ने झोंपड़ी से धुआं निकलते देखा। घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम सदर कुमार धर्मेंद्र, सीओ सिटी हरीश सिंह भदौरिया व इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने मौके पर पहुंचकर लाश को कब्जे में लेते हुए मोर्चरी भेज दिया था। मौके पर भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर भट्ठा मालिक व मुंशी समेत कई लोगों पर किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसे जिंदा जलाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था, लेकिन मौके पर इस तरह के साक्ष्य नहीं मिले थे। वहीं, शाम आई किशोरी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी। किशोरी की मौत की वजह भी दम घुटने व जलने से होना आया था। शनिवार को फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए साक्ष्य संकलित किए। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान ने बताया कि फोरेंसिक जांच में भी किशोरी की मौत हादसे में ही होने की बात सामने आ रही है।
बदमाशों की सूचना पर होटल की घेराबंदी
मुजफ्फरनगर। शहर के मेरठ रोड पर विकास भवन के सामने स्थित एक होटल में बदमाश ठहरे होने की सूचना से शनिवार शाम पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में शहर के तीनों थानों के साथ ही क्राइम ब्रांच टीम ने होटल की घेराबंदी करते हुए सभी कमरों की तलाशी ली। इस दौरान एक कमरे में ठहरे तीन युवकों को संदिग्ध मानते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया गया। थाने लाकर पूछताछ किए जाने पर उक्त तीनों के मेरठ निवासी सरकारी कर्मचारी होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पूरी तरह जांच-पड़ताल कर उन्हें छोड़ दिया गया।