एडीएम का फेक अकाउंट बनाकर वसूली का प्रयास
मुजफ्फरनगर। हौसला बुलंद अपराधी अब अवैध वसूली व ठगी के लिए अफसरों के नाम का सहारा लेने से भी नहीं चूक रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में एक शातिर ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन हरिशचंद्र का फेसबुक पर फेक अकाउंट बनाते हुए उनके परिचितों से मैसेंजर के जरिये रुपयों की मांग कर डाली। परिचितों ने शक होने पर एडीएम से बात की, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ। एडीएम की ओर से थाना सिविल लाइन पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन हरिशचंद्र ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर देकर बताया कि किसी व्यक्ति ने फेसबुक पर हरीश कुमार के नाम से फेक अकाउंट बनाकर उसके प्रोफाइल में उनके पदनाम व फोटो लगा डाला। आरोप है कि इसके बाद शातिर ने उक्त फेक अकाउंट से एडीएम प्रशासन के परिचित कई लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजनी शुरू कर दी। इस पर लोगों ने इसे एडीएम का ही फेसबुक अकाउंट मानते हुए फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली। फ्रेंड लिस्ट में आने के बाद आरोपी ने उक्त लोगों को मैसेंजर के जरिये मैसेज भेजकर उनसे बातचीत करते हुए निजी जरूरत बताकर दस से 25-30 हजार रुपये तक की मांग करनी शुरू कर दी। रुपये डालने के लिए आरोपी ने परिचितों को एक बैंक अकाउंट नंबर भी उपलब्ध कराया, जो दिल्ली के यूनियन बैंक का बताया जा रहा है। आरोपी द्वारा रुपयों की मांग करने पर एडीएम के परिचित लोगों को उस पर शक हुआ, जिस पर उन्होंने एडीएम प्रशासन हरिशचंद्र से फोन पर बात की, जिसके बाद उन्हें मामले की जानकारी मिली। इसके बाद उक्त फेसबुक अकाउंट की जांच की गई तो फेक अकाउंट की शिकायत सही पाई गई। एडीएम प्रशासन की तहरीर पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
- किस व्यक्ति ने मेरे नाम से फर्जी फेसबुक अकाउंट बना कर मेरा फोटो भी लगाया और लोगों से काम कराने के नाम पर रुपयों की डिमांड भी की। साथ ही एक बैंक अकाउंट का नंबर देकर उसमें रुपये डालने को भी कहा। इसकी जानकारी मिलने पर आरोपी अज्ञात युवक के खिलाफ सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
हरिशचंद्र
एडीएम प्रशासन