हत्यारोपी साक्ष्य मिटाने में गच्चा खा गए
खतौली (मुजफ्फरनगर)। सोनीपत के प्रदीप, रवि और अक्षय की हत्या करने के साक्ष्य मिटाने में हत्यारोपी गच्चा खा गए। जरा सी चूक होने से ही पुलिस के हाथ आरोपियों की गर्दन तक पहुंच गई। सोनीपत पुलिस को शक भी न हो सके इसलिए हत्या का स्थान जनपद मुजफ्फरनगर चुना गया। गंगनहर में डूबी कार में अगर ड्राईविंग सीट पर तीनों युवकों में से एक का भी शव मिल जाता, तो पुलिस इसको हादसा ही मानकर रह जाती।
हरियाणा के जिला सोनीपत के थाना गोहाना सदर क्षेत्र के गांव भैंसवाल कलां निवासी नवीन मलिक ही तिहरे हत्याकांड का मास्टर माइंड रहा। हत्या के सभी साक्ष्य मिटाने में कुछ ऐसे सबूत छोड़ दिए गए, जिससे हत्याभियुक्तों की साजिश धरी की धरी रह गई। पुलिस ने सबसे पहले हत्याकांड के मास्टर माइंड नवीन मलिक को ही पकड़ा। इसके बाद हत्याकांड को लेकर कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई। नवीन मलिक सहित पांच हत्यारोपी पुलिस की पकड़ में आते ही हत्याकांड का खुलासा हो गया।
कई बिंदुओं को पुलिस ने जांच में किया शामिल
- खतौली के बुआड़ा कलां गांव के सामने गंग नहर की रेलिंग के पास ही हादसा क्यों हुआ।
- कार आधी गंगनहर में डूबी हुई थी, इस स्थिति में कार के गंगनहर में गिरने पर कार सवार आसानी से बाहर निकल सकते थे।
- कार की ड्राइविंग सीट पर कोई नहीं था, शीशे खुले हुए थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रवि की मौत गला दबाने से होना आया, जबकि प्रदीप और अक्षय की मौत पानी में डूबने से होना बताया गया।
जांच के दौरान प्रदीप और रवि का आपराधिक इतिहास पाया गया।