मुजफ्फरनगर। पांच साल पहले कवाल में मारे गए शाहनवाज के मामले में अदालत ने एक आरोपी के जमानती वारंट और पांच के समन जारी किए है। कोर्ट ने सभी को चार अक्तूबर को तलब किया है।
जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को छेड़छाड़ के मामले को लेकर पहले शाहनवाज की हत्या हुई। उसके प्रतिशोध में भीड़ ने मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की बेहरमी से पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। कवाल कांड को लेकर सात सितंबर 2013 को नंगला मंदौड़ की पंचायत के खत्म होते ही जिले में दंगा भड़क गया था। कवाल कांड में शाहनवाज की हत्या में उसके पिता मोहम्मद सलीम ने सचिन-गौरव आदि के खिलाफ और मलिकपुरा के गौरव के पिता रविंद्र की ओर से दोहरे हत्याकांड का नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। बाद में सपा सरकार के आदेश पर एसआईटी ने दोनों हत्याकांड की जांच की। एसआईटी ने शाहनवाज हत्याकांड में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी, जबकि सचिन-गौरव हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
एसआईटी ने शाहनवाज हत्याकांड में एफआर लगाए जाने पर मृतक शाहनवाज के पिता मोहम्मद सलीम ने एतराज जताया था और कोर्ट में आपत्ति दायर की थी। एसीजेएम द्वितीय अंकुर शर्मा ने गत 31 मई को इसे निजी परिवाद के रूप में स्वीकार करते हुए शाहनवाज हत्याकांड का संज्ञान लिया था। अदालत ने छह आरोपियों रविंद्र पटवारी, प्रहलाद, बिशन, तेंदू , देवेंद्र और जितेंद्र को अदालत में तलब किया था। लेकिन आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए। अब अदालत ने रविंद्र पटवारी के खिलाफ जमानती वारंट और बाकी पांचों के समन जारी किए है। कोर्ट ने सभी को चार अक्तूबर को तलब किया है।