सपा एमएलसी के बेटे मनीष चौहान पर धोखाधड़ी का आरोप
मुजफ्फरनगर। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मोहल्ला ब्रह्मपुरी निवासी मनोज पंवार ने एसएसपी अनंतदेव को सौंपे शिकायती पत्र में शामली के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान पर धोखे से लाखों की नकदी और फॉरर्च्यूनर हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ित को हत्या कर उसकी लाश गायब करने की धमकी दी गई है। एसएसपी के आदेश पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी मनीष सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे हैं।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मोहल्ला ब्रह्मपुरी निवासी मनोज पंवार ने एसएसपी अनंतदेव को शिकायती पत्र देकर बताया कि कांधला के गांव जसाला निवासी मनीष चौहान से उसकी दोस्ती थी। दस दिसंबर 2010 को उसने 21.68 लाख रुपये कीमत की फॉरर्च्यूनर खरीदी थी। आरोप है कि मनीष चौहान 30 दिसंबर को वह उसके घर आए और जिला पंचायत अध्यक्ष शामली का चुनाव लड़ने के लिए दस लाख रुपये की मांग की। अच्छी दोस्ती के चलते उसने उसे सात लाख रुपये दे दिए, जिसके बाद वह चुनाव प्रचार के लिए एक सप्ताह के लिए उसकी फॉरर्च्यूनर भी मांगकर ले गया। पीड़ित का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद उसने आरोपी से रुपये व कार लौटाने के लिए कहा, तो उसने कार पसंद आने की बात कहते हुए उसे सात लाख के साथ कार की कीमत भी देने का आश्वासन दिया। इसके बाद वह लगातार मनीष से रुपये व कार लौटाने के लिए कहता रहा, लेकिन न तो कार मिली और न ही रुपये। थक-हारकर पीड़ित ने उसके पिता सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह से बात की, जिस पर उन्होंने अपने पास से रुपये देने का आश्वासन दिया। पीड़ित का कहना है कि आठ जून 2018 को वह शहर के रामपुरम स्थित उनके आवास पर जाकर पिता-पुत्र से मिला, जहां रुपये लौटाने से स्पष्ट इंकार कर दिया गया। आरोप है कि भविष्य में तकादा करने पर उसे हत्या कर लाश गायब करने की धमकी देते हुए वहां से भगा दिया। पीड़ित के अनुसार, इस संबंध में पुलिस को तहरीर दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। थक-हारकर गत 21 अगस्त को मनोज एसएसपी अनंतदेव से मिला और कार्रवाई की गुहार लगाई, जिनके आदेश पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मनीष चौहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एसएसपी अनंतदेव ने बताया कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।