मुजफ्फरनगर। शामली के बधेव में ऊन शुगर मिल के असिस्टेंट केन मैनेजर जनविजय सिंह द्वारा गोली मारकर आत्महत्या किए जाने के मामले में चर्चाओं में आए पूर्व आईएएस विनोद पंवार मुजफ्फरनगर में भी दो बार तैनात रह चुके है। यहां उनका कार्यकाल काफी चर्चित रहा था। पूर्व आईएएस विनोद पंवार पहले नब्बे के दशक में यहां सिटी मजिस्ट्रेट रहे। प्रमोशन के बाद वे यहां पुन: एडीएम प्रशासन के रुप में तैनात रहे। सिटी मजिस्ट्रेट रहते हुए यहां अतिक्रमण हटाओ अभियान में व्यापारियों के साथ अभद्रता करने पर उनके खिलाफ व्यापारियों ने आंदोलन किया था। इसके बाद वे यहां एडीएम प्रशासन बन कर आए। वे यहां 14 जुलाई 1994 से लेकर 10 जुलाई 1995 तक तैनात रहे। यह कार्यकाल भी उनका चर्चाओं में रहा। ग्राम पंचायत के चुनाव में ग्रामीणों पर उन्होंने स्वयं लाठी चार्ज किया था। यह मामला शासन तक पहुंचा था। उनके कार्यकाल में ही बहुचर्चित रामपुर तिराहा कांड 2 अक्तूबर 1994 को हुआ था। रामपुर तिराहा कांड में भी वे जांच के दायरे में आए थे। अपनी दबंग छवि के कारण वे हमेशा चर्चाओं में रहे।