पत्नी के हत्यारे को दस वर्ष कारावास की सजा
मुजफ्फरनगर। अदालत ने दहेज के लिए पत्नी की हत्या वाले पति को दस वर्ष के सश्रम कारावास और 15 हजार रुपया जुर्माना की सजा सुनाई है। साक्ष्य के अभाव में सास और ससुर को कोर्ट ने बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक बागपत जिले के थाना बिनौली क्षेत्र के गांव गढ़ी दुल्ला निवासी किरणपाल ने 17 फरवरी 2016 को शामली जिले के थाना थानाभवन पर अपने बेटी की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था उसकी बेटी सोनिया की शादी 8 मई 2013 को समरपाल पुत्र वेदपाल निवासी तितारसी के साथ हुई थी, जिसमें उसने अपनी सामर्थ के अनुसार दहेज दिया था। मगर सोनिया का पति समरपाल, ससुर वेदपाल और सास बीरो इस दहेज से खुश नहीं थे। सोनिया का दहेेज के लिए प्रताड़ित करते थे। अतिरिक्त दहेज में पांच लाख रुपया नगद और कार की मांग करते थे। घटना के दिन 17 फरवरी को ससुराल वालों ने सोनिया की हत्या कर शव का दाह संस्कार कर दिया। शाम को उसे किसी रिश्तेदार ने फोन पर इसकी सूचना दी। जब वह सोनिया की ससुराल पहुंचा तो उसे घर में कोई नहीं मिला। मृतका को छह माह की गर्भवती भी बताया गया था । पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच में सोनिया के पति समरपाल के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओमवीर सिंह की अदालत संख्या- 7 में हुई । सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता योगेश कुमार शर्मा ने कोर्ट में छह गवाह और सबूत पेश किए। अदालत ने वादी की अपील पर धारा 319 के तहत सास और ससुर को अदालत में तलब किया था। न्यायाधीश ने दोनो पक्षों को सुनते हुए अभियुक्त समरपाल को सोनिया की हत्या का दोषी करार देते हुए दस वर्ष का सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सास व ससुर को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। सजा पाने वाला समरपाल बीते दो साल से जेल में बंद है।