कार्रवाई से बचने के लिए रचा अपहरण का नाटक
भोपा। क्षेत्र के गांव जौली में शनिवार देर रात्रि युवती के अपहरण की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर हंगामा भी किया। बाद में पुलिस की जांच में मामला फर्जी पाया गया। शिकायतकर्ता को पुलिस ने कड़ी चेतावनी दी है।
थाना भोपा क्षेत्र के गांव जौली निवासी निसार ने शनिवार की देर रात अपनी पुत्री के अपहरण का आरोप लगाया। उसका कहना था कि ग्रामीणों की घेराबंदी पर आरोपी उसे जंगल में छोड़कर चले गए। निसार की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। रात्रि में युवती के पिता ने अपने पुत्र के पांच ससुरालजनों के खिलाफ अपहरण का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी। मामले को लेकर रविवार सुबह जौली में बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक बृजेश प्रताप सिंह यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामले की तहकीकात करते हुए अपहरण की घटना को फर्जी पाया। बताया जाता है कि डेढ़ माह पूर्व शिकायतकर्ता के बेटे ने अपनी पत्नी को मारपीट कर घायल कर दिया था। तब से वह अपने मायके गांव तिस्सा में रह रही है। इस मामले में कार्रवाई से बचने के लिए अपहरण के प्रयास का नाटक किया गया। उधर, शिकायतकर्ता निसार की पुत्रवधू मुर्शीदा भी थाने पहुंच गई। उसने बताया कि उसकी शादी दस वर्ष पूर्व निसार के पुत्र शाहनवाज से हुई थी। उनके चार बच्चे हैं। आरोप है कि पति आए दिन उसके साथ मारपीट करता है। डेढ़ माह पहले पति ने उसके साथ मारपीट कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस की किसी कार्रवाई से बचने के लिए ससुरालजनों ने उसकी ननद के अपहरण का नाटक रचा। थाना प्रभारी निरीक्षक डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि युवती के अपहरण की सूचना गलत थी। दोनों पक्षों में विवाहिता से मारपीट को लेकर विवाद चल रहा है। दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। झूठी सूचना देने वाले को हिदायत दी गई है।