संत ने फांसी लगा की आत्महत्या
मोरना। ग्राम टंढेड़ा में संत महाराज ने अपने मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ग्रामीणों की सुचना पर पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना से संत के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस के अनुसार आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।
ककरौली के गांव टंढेड़ा के मोहल्ला गुज्जरान में 52 वर्षीय संत प्रकाशानंद गिरी महाराज के पास दिन रात लोगों का आना जाना लगा रहता था। शुक्रवार दोपहर तक मकान में चहल पहल न होने के कारण पड़ोसियों को शक हुआ। आत्महत्या की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला। दरवाजा अंदर से बंद होने पर खिड़की से देखा तो छत में कपड़े के फंदे से महाराज का शव लटका दिखाई दिया। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर संत के शव को नीचे उतारा। पुलिस ने घटना को लेकर परिजनों से पूछताछ की। मृतक के भतीजे ने बताया कि संत प्रकाशानंद महाराज को गांव में ग्रामीण ओमप्रकाश पुत्र लखीराम के नाम जानते थे। उन्होंने कई वर्ष पूर्व संत का चोला ओढ़ाकर हरियाणा के पानीपत शहर के निकट इमतकला दुधाधारी समाधि पर साधना की थी। करीब आठ साल पूर्व वे हरियाणा से गांव में आकर अपने मकान में रहने लगे थे। बृहस्पतिवार की देर शाम वे खाना खाकर मकान में सोने चले गए। शुक्रवार दोपहर संत का शव मकान के अंदर छत पर लटका हुआ देखा। परिवार के धर्मवीर, धीर सिंह, कालू, प्रताप आदि का रोकर बुरा हाल है।