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मंदिर में घुसकर चोरी, शनिदेव की प्रतिमा खंडित

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दुर्गा मंदिर में घुसकर चोरी, शनिदेव की मूर्ति खंडित
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मुजफ्फरनगर। शहर के परिक्रमा मार्ग स्थित राज दुर्गा मंदिर में घुसकर बदमाशों ने न केवल दानपात्र तोड़कर धनराशि चोरी कर ली, बल्कि मंदिर में स्थापित शनि देव की मूर्ति भी खंडित कर दी। रविवार तड़के घटना की जानकारी मिलने के बाद आक्रोशित लोगों ने हंगामा किया, जिस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन देते हुए लोगों को शांत किया। मंदिर प्रबंधक ने घटना की तहरीर दी है।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में परिक्रमा मार्ग पर रेलवे फाटक के निकट राज दुर्गा मंदिर स्थित है, जिसमें दयाशंकर तिवारी पुजारी हैं। मंदिर के बाहरी हिस्से में छोटा मंदिर शनि देव का भी है। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र मलिक ने बताया कि शनिवार देर रात बदमाशों ने मंदिर के ताले तोड़ अंदर घुसने के बाद दान पात्र तोड़कर उसमें से दान की धनराशि चोरी कर ली। इसके बाद बदमाशों ने शनि देव की मूर्ति भी उखाड़कर खंडित करते हुए मंदिर से बाहर फेंक दी। रविवार तड़के करीब चार बजे पुजारी पूजा-पाठ के लिए मंदिर पहुंचे तो वहां की हालत देख प्रबंधक व श्रद्धालुओं को घटना की जानकारी दी, जिससे आक्रोश फैल गया। घटना की सूचना पर थाने से एसआई नरेंद्र कुमार एक सिपाही के साथ मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे एसएसआई मदनसिंह बिष्ट मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। राजेंद्र मलिक की ओर से घटना की तहरीर दी गई है, जिस पर देर शाम तक रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की जा सकी थी।
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मंदिर में एक माह के अंदर दूसरी वारदात
मुजफ्फरनगर। राज दुुर्गा मंदिर में चोरी व तोड़फोड़ की पिछले एक माह में यह दूसरी वारदात है। मंदिर समिति प्रबंधक राजेंद्र मलिक ने बताया कि विगत 24 मार्च को भी बदमाशों ने मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ करने के साथ ही टोंटियां व अन्य सामान चोरी कर लिया था, जिसका अब तक खुलासा नहीं हो सका है।
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अफसरों ने मुनासिब नहीं समझा घटनास्थल का निरीक्षण
मुजफ्फरनगर। परिक्रमा मार्ग स्थित श्री राज दुर्गा मंदिर में एक माह के भीतर चोरी व तोड़फोड़ की दूसरी वारदात के बावजूद अफसरों ने घटना स्थल का निरीक्षण करना तक मुनासिब नहीं समझा। देर शाम तक न तो सीओ और न ही एसएचओ मौके पर पहुंचे। समिति अध्यक्ष राजेंद्र मलिक का कहना है कि कार्रवाई की मांग करने पर उनके ऊपर तहरीर नहीं दिए जाने का दबाव बनाते हुए खंडित प्रतिमा के स्थान पर दूसरी प्रतिमा की स्थापना कराने की बात कही गई। लेकिन, देर शाम तक न तो घटना की रिपोर्ट ही दर्ज की गई और न ही खंडित की गई प्रतिमा को बदलवाने की ही जहमत पुलिस-प्रशासन द्वारा उठाई गई, जिससे श्रद्धालुओं में आक्रोश व्याप्त है।
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