पालिका चेयरपर्सन और पति पर दर्ज हो सकता है मुकदमा
खतौली। नगरपालिका में गांधी जयंती के दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर कथित तिरंगा का पर्दा लगाने के मामले में पालिका चेयरपर्सन व उनके पति पर मुकदमा दर्ज हो सकता है। इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने पुलिस को जांच करके मुकदमा दर्जकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
नगरपालिका परिषद में दो अक्तूबर को महात्मा गांधी की जयंती मनाई गई। जयंती पर पालिका में महात्मा गांधी के चित्र पर कथित तिरंगा का पर्दा लगाया गया। महात्मा गांधी के चित्र का अनावरण चेयरपर्सन बिलकिस व उनके पति सपा नेता काजी जमील अहमद ने किया, जिसका किसी कर्मचारी या अन्य व्यक्ति ने मोबाइल से वीडियो बना लिया था। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। इसके बाद इसकी शिकायत इंस्पेक्टर से भी की गई। इंस्पेक्टर ने शुक्रवार को चेयरपर्सन के पति काजी जमील अहमद को पूछताछ करने के लिए कोतवाली में बुलवाया। इंस्पेक्टर ने कथित तिरंगा के पर्दे के बारे में पूछताछ की। काजी जमील अहमद ने इंस्पेक्टर को सफाई देते हुए बताया कि पालिका कर्मचारियों से इस संबंध में जानकारी ली गई थी, कर्मचारियों ने बताया कि यह पर्दा तो कई सालों से लगाया जाता है। कभी किसी ने इस पर आपत्ति नहीं की। पूर्व में रहे चुके चेयरमैन इसी तरह से दो अक्तूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर उनकी प्रतिमा का इसी पर्दे से अनावरण करते चले आ रहे हैं। इंस्पेक्टर ने काजी जमील अहमद से पूछताछ करने के बाद संबंधित क्षेत्र के दरोगा को बुलवाया। उन्होंने कहा कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच करके आरोप सिद्ध होने पर चेयरपर्सन व उनके पति के विरुद्ध मुकदमा दर्जकर कानूनी कार्रवाई करें। इंस्पेक्टर के निर्देश पर दरोगा ने जांच पड़ताल प्रारंभ कर दी है। इंस्पेक्टर ने चेयरपर्सन के पति काजी जमील अहमद को यह भी बताया कि गत दिवस जानसठ तिराहे पर पेट्रोल पंप के सामने गड्ढे में पाइप लाइन ठीक करते समय मिट्टी की ढांग गिरने से मिस्त्री गुलरेज की दबने से मौत हो गई थी। परिजनों ने बीएसएनएल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में बीएसएनएल अधिकारियों की ओर से तहरीर दी गई है कि उनके विरुद्ध गलत तरीके से मुकदमा दर्ज कराया है। इसके लिए नगर पालिका जिम्मेदार है। इंस्पेक्टर ने इस मामले में भी पुलिस को जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।