असबाब हत्याकांड : दंगे में दूधिया के दो भाइयों की कर दी गई थी हत्या
खतौली (मुजफ्फरनगर)। इंदिरा मूर्ति के पास स्थित डेयरी पर दूधिया असबाब की हत्या का मामला उसके दो भाइयों की वर्ष 2013 में दंगे के दौरान हुई हत्या से जुड़ा माना जा रहा है। फिलहाल उक्त मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जिसमें वर्तमान में गवाही की तारीखें चल रहीं हैं, जिनमें असबाब मुख्य गवाह था।
मंसूरपुर के गांव खेड़ी तगान निवासी दूधिया असबाब के दो सगे भाइयों शाहिद व नवाब की नौ सितंबर 2013 में हुए सांप्रदायिक दंगे के दौरान उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वे खेड़ी तगान से दूध लेने के लिए गांव मथेड़ी जा रहे थे। इस संबंध में रतनपुरी थाने में असबाब ने ही अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के उपरांत घटनास्थल मंसूरपुर थाना क्षेत्र का पाया गया था। इस पर मंसूरपुर थाना पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए गांव मथेड़ी के युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेेेजा था। उक्त मुकदमा फिलहाल कोर्ट में ट्रायल पर चल रहा है, जिसमें अब 25 मार्च की तिथि सुनवाई के लिए निर्धारित की गई है। उधर, दो भाइयों की एक साथ हत्या होने के बाद असबाब ने परिजनों के साथ गांव छोड़ दिया था और खतौली के मोहल्ला इस्लामनगर में आकर रहने लगा था। यहां रहते हुए ही वह गांव खेड़ी तगान से दूध लाकर कस्बे में स्थित अग्रवाल डेयरी पर सप्लाई करने लगा था। असबाब के दोनों भाइयों शाहिद व नवाब की हत्या का मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जिसमें वह मुख्य गवाह था। आशंका जताई जा रही है कि असबाब की गवाही रोकने के लिए ही साजिश के तहत उसकी हत्या की गई है। परिजन भी उसी मामले से घटना को जोड़ते हुए असबाब की हत्या किए जाने का आरोप लगा रहे हैं। मामले में एसपी सिटी सतपाल अंतिल का कहना है कि उक्त मुकदमे की भी जानकारी ली जा रही है। विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है, जिसके लिए टीम का भी गठन किया गया है।