भोपा (मुजफ्फरनगर)। वन्यजीवों का शिकार करने के आरोप में पांच ग्रामीणों को हिरासत में लेने के मामले में कई गांव के लोगों ने थाने का घेराव करते हुए हंगामा कर दिया। उन्होंने कहा कि वन्य विभाग के कर्मचारियों ने जिन पांच ग्रामीणों को पकड़ा है वे बेकसूर हैं। घंटों हंगामे के बाद भाजपा नेताओं की मध्यस्थता के बाद पांचों लोगों को जुर्माना वसूल कर छोड़ दिया गया। वहीं, घटनाक्रम से गुस्साए लोगों ने वन विभाग से अपने क्षेत्र में तारबंदी कराने की मांग की है।
भोपा थाना क्षेत्र के बिहारगढ़ गांव से बृहस्पतिवार शाम वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र से जंगली जानवर का शिकार करने के आरोप में वन विभाग ने मदनपाल, रतनपाल, धूमसिंह, रतन सिंह व विजयपाल को हिरासत में लिया था। पांचों लोगों को बाद में थाने भेजते हुए वन दरोगा की तरफ से उनके खिलाफ अवैध शिकार की तहरीर भी दे दी गई। वन विभाग की इस कार्रवाई पर शुक्रवार सुबह कई गांवों के ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में से थाने आ पहुंचे और पकड़े गए लोगों को बेकसूर बताते हुए छोड़ने की मांग को लेकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि एक जंगली जानवर घायलावस्था में गांव में घुसकर मर गया था, जिसे वन विभाग ने शिकार बना डाला। हंगामे की सूचना पर भाजपा नेता डॉ वीरपाल निर्वाल, अमित राठी, हरीश राठी समेत अन्य पदाधिकारी भी थाने पहुंच गए और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया।
वन विभाग व पुलिस के आला अफसरों से बात की गई, जिसके बाद पकड़े गए पांचों लोगों को पांच हजार रुपये जमानत राशि पर थाने से ही जमानत पर छोड़े जाने की मंजूरी दे दी गई। बाद में सभी लोगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इससे पहले ग्रामीणों ने वन रेंज के क्षेत्राधिकारी राजसिंह पुंडीर से वन क्षेत्र की तारबंदी कराने की मांग की, जिससे जंगली जानवर उनके खेतों में घुसकर फसल बर्बाद न कर सकें। हंगामा करने वालों में बीडीसी समय सिंह, सतपाल, सीताराम, हरिसिंह, कक्कू, मंगत, जगपाल, बुद्ध सिंह व शिवकुमार आदि मौजूद रहे। वहीं, वन अधिकारी राजसिंह पुंडीर का कहना है कि पकड़े गए लोगों से वन्य जीव अधिनियम के तहत जुर्माना वसूला गया है। वन्य जीवों का शिकार करने वाले लोगों को किसी कीमत पर भी नहीं बख्शा जाएगा।