मुजफ्फरनगर। शहरों को लांघ लग्जरी लाइफ की जरूरतें गांव की दहलीज पर पहुंच गई हैं। पहली बार गर्मी के मौसम में ऐसा हुआ है, जब एसी और कूलर की डिमांड गांवों में सबसे ज्यादा हो रही है। बाजार के रुझान से यह तथ्य सामने आया है। पंखों की बिक्री घट गई है। एसी और कूलर के डिस्ट्रीब्यूटर्स ने माना है कि गांव में एसी की बिक्री गत वर्ष की अपेक्षा चार गुना बढ़ गई है। देहात में मई माह में बिजली की 20 प्रतिशत खपत ज्यादा हो गई है।
गर्मी का पारा चढ़ते ही बाजार में एसी, कूलर और पंखों की बिक्री बढ़ना स्वाभाविक है। बाजार में एक नया बदलाव आया है। ग्राहकों की सबसे बड़ी तादाद ग्रामीण अंचल से आ रही है। एसी शहरों के अमीरों से किसानों के घरों तक पहुंच गया है। बाजार सर्वे में यह सच सामने आया। अबकी बार गर्मी में एसी की सबसे ज्यादा बिक्री गांवों में हो रही है। वोल्टास, हिताची, व्हर्लपुल, वीडियोकोन, एलजी आदि के एसी ब्रांड की सेल्स का डाटा भी यही कहता है। प्रकाश चौक पर शिवालिक एंटरप्राइजेज के संदीप संगल बताते हैं कि पिछले साल गांवों में यदि पांच एसी की बिक्री हुई, तो इस साल 20 एसी बिक रहे हैं यानि चार गुणा एसी की सेल गांवों में बढ़ गई है। कूलर की बिक्री भी ऐसी ही है। बड़ी कंपनियों के कूलर की गांवों में ज्यादा मांग है। अग्रवाल मार्केट में करंपटन कंपनी के थोक डिस्ट्रीब्यूटर्स निखिल जैन के अनुसार अबकी गर्मी में पंखे कम और प्लास्टिक बॉडी के कंपनी कूलर अधिक बिक रहे हैं। गर्मी से राहत के लिए उपभोक्ता पंखों के बजाय कूलर और एसी में इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं। पिछले साल की अपेक्षा पंखों की बिक्री आधी और कूलर की दोगुनी हो गई है। ग्रामीण क्षेत्र कूलर की अधिक आपूर्ति हो रही है। शहर में अतुल ब्रांड के कूलर बिक्री के सबसे बड़े विक्रेता फर्म मूलचंद सुधीर कुमार के संचालक निशिथ मित्तल का कहना है कि प्लास्टिक के कूलरों का बाजार बढ़ा है। पानी की अधिकता से यह कूलर कमरों को जल्दी ठंडा करते हैं। इस साल गांव में कूलर की ज्यादा डिमांड से व्यापारी खुद अचंभे में हैं। गांवों से एसी की भी अच्छी मांग है। गांव की जीवनशैली में एसी और कूलर की हिस्सेदारी बढ़ने से बिजली की खपत भी बढ़ गई है। विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता एके आत्रेय ने बताया कि अभी गर्मी की शुरुआत हुई, लेकिन एसी और कूलर आदि के प्रयोग से आपूर्ति पर बीस प्रतिशत का भार बढ़ गया है। अभी और अधिक खपत बढ़ने का अनुमान है।
आमदनी बढ़ने से बदली जीवन शैली
मुजफ्फरनगर। गन्ने की बंपर फसल और हाथों में समय से भुगतान मिलने की वजह से भी ग्रामीण उपभोक्ता का हौसला बढ़ गया है। जिले में दो हजार करोड़ से ज्यादा का गन्ना भुगतान किसानों के खातों में जा चुका है। आमदनी बढ़ने से गांवों में एसी, कूलर, फ्रिज, एलईडी आदि लग्जरी उत्पादों का रुझान बढ गया है। सलेमपुर गांव के किसान सुधीर कुमार कहते हैं कि गर्मी से राहत के लिए घर में एसी लगवाना ज्यादा बेहतर रहा।
18 घंटे मिल रही बिजली ने बदला मिजाज
मुजफ्फरनगर। मौजूदा सरकार में ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे तक बिजली की सप्लाई हो रही है। कभी बिजली कटौती से त्रस्त ग्रामीण भी इसी वजह से एसी, कूलर और अन्य घरेलू उत्पादों में खर्च से बचते थे। अधीक्षण अभियंता एके आत्रेय के मुताबिक बेहतर बिजली आपूर्ति ने भी गांव की जीवन शैली का बदलने में भूमिका निभाई है।