नसीरपुर में हुए सांप्रदायिक बवाल में युवक की हत्या के बाद पुलिस ने बुधवार को हत्या में दो आरोपियों को बझेड़ी फाटक से गिरफ्तार कर लिया। मृतक के पिता की तहरीर पर एक और दूसरा मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिसमें 22 लोग नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ बलवा और जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में नसीरपुर के ग्राम प्रधान समेत दस लोगों को जेल भेज दिया है। पुलिस की ताबड़तोड़ दबिशों से आरोपियों में अफरातफरी मची हुई है।
नईमंडी कोतवाली के नसीरपुर में नाली के पानी के विवाद को लेकर गांव में सांप्रदायिक बवाल हो गया था। शहजाद पक्ष की ओर से पड़ोसी ब्रजपाल के 22 वर्ष के पुत्र आकाश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में गांव में सांप्रदायिक तनाव फैल गया था।
गांव के युवकों ने आरोपी पक्ष के घर में घुसकर आग लगा दी थी। हालत इस कदर बेकाबू हो गए थे कि प्रशासन को गांव में अर्द्धसैनिक बल और पीएसी तैनात करनी पड़ी थी। मंगलवार शाम गांव में शव पहुंचने पर परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार तक करने से मना कर दिया था। बाद में मुआवजे का आश्वासन मिलने पर ही परिजनों ने छात्र का अंतिम संस्कार किया था।
इस मामले में मृतक के चाचा हरबीर की ओर से गांव के ही शहजाद, साजिद, ढोला, कादर, यासीन और इसरार के खिलाफ हत्या सहित संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। वारदात में पुलिस ने गांव के करीब 25 लोगों को हिरासत में लिया था। पुलिस ने हत्यारोपियों में से शहजाद पुत्र दिन्ना और ढोला पुत्र इसरार को बुधवार सुबह बझेड़ी फाटक के पास से गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक प्रभाकर कैंतुरा के मुताबिक आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त तमंचा और दो कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने मामले में मृतक के पिता ब्रजपाल पुत्र नकली सिंह की तहरीर पर एक और दूसरा मुकदमा ग्राम प्रधान शाबिर सहित आरोपी पक्ष के 22 नामजद और अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया है। ब्रजपाल के अनुसार आकाश को गोली लगने पर गांव से बाहर जाने के बाद ग्राम प्रधान शाबिर के साथ वकील, शमशाद, हारुण, अय्यूब, फैसल, सैफ अली, मुंतसिर, इरफान, इर्तजा, जावेद, इसरार, महबूब, इरशाद, अब्बास, मीना, सितारा, इमामुदीन, इसरार, नसीम, सलमान, बब्बू और एक अज्ञात ने इकट्ठा होकर मकान पर धावा बोल दिया था।
इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित के मकान में तोड़फोड़ कर पथराव कर दिया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ग्राम प्रधान साबिर, हारुण, शमशाद, अय्यूब, वकील, मुंतजिर, फैसल, शेरअली, इमामुदीन और इसरार को जेल भेज दिया है। बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिशें जारी हैं।
पुलिस ने प्रधान की सफाई नहीं सुनी
मुजफ्फरनगर। नसीरपुर कांड में पुलिस ने मृतक आकाश के पिता ब्रजपाल की तहरीर पर ग्राम प्रधान साबिर पुत्र बारू को भी नामजद किया है। पुलिस ने प्रधान को मंगलवार की रात में ही गिरफ्तार कर लिया था। जेल जाने से पूर्व प्रधान अपनी सफाई देता रहा। प्रधान का कहना था कि उसकी कोई गलती नहीं है, उसने पंचायत में दोनों पक्षों में सुलह करा दी थी। दोनों खुद ही आपस में भिड़े थे। पुलिस ने बिना बात उसे नामजद किया है। प्रधान की कोई सफाई पुलिस ने नहीं सुनी और उसे जेल भेज दिया। पुलिस का कहना कि कि वादी पक्ष ने प्रधान के खिलाफ नामजद तहरीर दे रखी है।
नसीरपुर में तनावपूर्ण शांति, मृतक और आरोपी पक्षों के घरों के बाहर फोर्स तैनात
सांप्रदायिक बवाल के बाद नसीरपुर में फिलहाल तनावपूर्ण शांति का माहौल है। अफसरों ने अर्द्धसैनिक बल और पीएसी की तैनाती गांव में कर रखी है। आसपास के जनपदों से आए पुलिस फोर्स को वापस भेज दिया गया है। पीड़ित परिवार और आरोपी के घर के बाहर काफी संख्या में फोर्स लगाया गया है।
नसीरपुर में नाली के पानी के विवाद में आकाश की हत्या के दूसरे दिन बुधवार को गांव में तनावपूर्ण शांति रही। अफसर दिनभर गांव में मौजूद फोर्स से जानकारी लेते रहे। प्रशासन ने एहतियातन गांव में अर्द्धसैनिक बल और पीएसी को तैनात कर रखा है। आसपास के जनपदों से बुलाए गए फोर्स को वापस भेज दिया गया है। शहर के तीनों थानों की पुलिस अभी भी गांव में तैनात है।
पूरे दिन गांव में पुलिस घूमती रही। आने-जाने वालों से पूछताछ करती रही। मृतक पक्ष और आरोपी पक्ष के घरों बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पीड़ित परिवार के घर में मातम पसरा है, तो वहीं दूसरी ओर आरोपी पक्ष के घरों से महिला, बच्चे और बुजुर्गों के फरार होने से वहां दूसरे दिन भी ताले लटके नजर आए। कुछ ग्रामीणों ने घरों में बंधे पशुओं के लिए चारे और पानी की व्यवस्था कराई।
हालात थे काफी विकट
मुजफ्फरनगर। नसीरपुर में सोमवार रात हुए बवाल के दौरान सबसे पहले सिपाही के साथ पहुंचे गांधी नगर चौकी इंचार्ज मनोज कुमार ने बताया कि मौके के हालात काफी विकट थे। पुलिस फोर्स को बुलाने से पहले पीड़ित पक्ष को मुश्किल से धकेलकर घर में घुसाया। दोनों ओर से जमकर पथराव हो रहा था। हेलमेट भी नहीं था और धींगामुश्ती में वर्दी तक फट गई। फायरिंग भी होने लगी थी।