बदलते हालात में क्राइम कंट्रोल पुलिस के लिए नई चुनौती बन गया है, जिससे निपटने के लिए पुलिस ने भी तौर-तरीकों में बदलाव किया है। इसके तहत जहां एक ओर तमंचा फैक्टरियां पुलिस के निशाने पर हैं, वहीं इससे जुड़े पुराने अपराधियों पर लगातार निगाह रखी जा रही है।
इस बाबत गांव-देहात स्तर पर संबंधित सीओ के नेतृत्व में अभियान चलाए गए हैं। वहीं, थानों के टॉप-टेन अपराधियों को लगातार अभियान चलाकर जेल भेजा जा रहा है तो पुराने मामलों में जमानत पर घूम रहे अपराधियों को भी निशाने पर लिया जा रहा है। इसके सकारात्मक नतीजे भी सामने आ रहे हैं, जिसके तहत लगातार पुराने अपराधी जमानत तुड़वाकर जेल जा रहे हैं।
पुलिस की गश्त बढ़ाई
मुजफ्फरनगर। कोरोना काल में अपराधों पर रोकथाम के लिए देेेहात के संपर्क मार्गों पर पुलिस की गश्त बढ़ाई गई है। वहीं, मेरठ में सराफ की हत्या के बाद शहर और कस्बों के सराफा बाजारों में पुलिस को लगातार पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए है।
दो माह में पुलिस कार्रवाई
- - 15 से अधिक तमंचा फैक्टरियों का भंडाफोड़। सबसे अधिक बुढ़ाना व शाहपुर थाना क्षेत्र पुलिस के निशाने पर।
- - आठ टॉप-टेन बदमाश गिरफ्तार कर जेल भेजे गए।
- - 11 अपराधी जमानत तुड़वाकर जेल गए। यशपाल राठी हत्याकांड समेत कई बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर अपराधी शामिल।
एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि क्राइम कंट्रोल के लिए जनपद पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। इसके तहत जहां तमंचा फैक्टरियों पर नकेल कसी जा रही है, वहीं थानों के टॉप-टेन व पुरानी वारदातों में शामिल रहे जमानत पर छूटे अपराधियों पर शिकंजा कसा जा रहा है।