संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। पालिका की बोर्ड बैठक में सभासदों के हंगामे के बीच विकास और निर्माण संबंधी प्रस्ताव पर मुहर लग गई। विरोध के चलते नगर सृजन और नगरोदय योजना के दो प्रस्ताव संशोधन के लिए रोक लिए गए। शिकमी किराएदारी के नए नियम संंबंधी प्रस्ताव पर सहमति बन गई। बैठक में 56 में से 54 प्रस्ताव पारित हुए। बोर्ड के पदेन सदस्य एवं सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने बोर्ड को एकजुटता के साथ विकास कराने के लिए प्रेरित किया।
सोमवार को नगर पालिका सभागार में चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक हुई। ईओ डाॅ. प्रज्ञा सिंह ने एजेंडा पढ़ना शुरू किया। गत बोर्ड बैठक की कार्यवाही की पुष्टि वाले प्रस्ताव पर वार्ड सभासद राजीव शर्मा ने ईओ को सरकारी खर्च पर गाड़ी उपलब्ध कराए जाने का विरोध किया। इस पर भाजपा सभासद उनके विरोध में आ गए। राजीव शर्मा ने चेयरपर्सन को एक पत्र सौंपा। दावा किया गया कि गाड़ी वाले प्रस्ताव के विरोध में 45 सभासदों ने हस्ताक्षर किए हैं। सभासदों ने शिकायत करते हुए कहा कि निर्माण कार्यों को समय से लागू नहीं किया जा रहा। कोई समयावधि बनाकर काम नहीं हो रहा है।
प्रस्ताव संख्या 401 के अन्तर्गत लाई गई करीब 90 करोड़ की मुख्यमंत्री वैश्विक नगरोदय योजना की कार्ययोजना पर भी बोर्ड ने अनेक प्रकार की असहमति व्यक्त की। ऐतराज जताया कि इतनी बड़ी कार्ययोजना बनाने से पहले सभासदों से कोई भी चर्चा नहीं की गई। मीटिंग में सीमा जैन, कुसुमलता पाल, राखी पंवार, पारूल मित्तल, नवाज जहां, मुसीरा, हकीम इरशाद अंसारी, राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, योगेश मित्तल, अन्नू कुरैशी आदि सभासद शामिल रहे।
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सृजन योजना में शुरू नहीं हुआ काम
नगर सृजन योजना में जो कार्य आठ माह पूर्व पारित हो चुके हैं, वे आज तक शुरू नहीं हो पाए। गैस पाइप लाइन के गड्ढे भरने का काम जनवरी से शुरू होना था, लेकिन आज तक कोई कदम नहीं उठाया गया। चेयरपर्सन ने मीटिंग में ही अधिकारियों का जवाब तलब किया।
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इस प्रस्ताव पर जताया एतराज
प्रस्ताव संख्या 378 में मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत करीब 7.33 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण और पथ प्रकाश के कार्य रखे गए थे। इसमें पथ प्रकाश के लिए होने वाले कार्यों की सूची में सीमा विस्तारित क्षेत्र वार्ड संख्या 21 और वार्ड 52 को शामिल नहीं करने पर सभासद रजत धीमान ने कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की। अन्य सभासदों ने भी ऐतराज जताते हुए दोनों वार्डों को सम्मिलित कर अगली बैठक में प्रस्ताव लाने की मांग की।
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अगली बैठक तक निरस्त हुआ प्रस्ताव
प्रस्ताव संख्या 392 का भी विरोध हुआ। इसमें लोकसभा चुनाव के दौरान शहरी क्षेत्र के पोलिंग स्टेशनों पर हुए बूथों के निर्माण के कार्य का भुगतान कराने की अनुमति मांगी गई थी। सभासदों ने कहा कि जो शासन से पैसा आया है, उससे ज्यादा का भुगतान पालिका नहीं करेगी। सहमति के कारण इस प्रस्ताव को भी अगली बैठक तक निरस्त किया गया।
नियम बनाकर शिकमी किराएदारी प्रकरण का हल तलाशा
बोर्ड बैठक में प्रस्ताव संख्या 402 में पालिका की 17 मार्केट के 509 दुकानदार और 173 क्वार्टरों के किरायेदारों में शिकमी और अवैध किरायेदारों को बेदखल करते हुए नये सिरे से आवंटन करने शिकमी, वारिसान और 15 साला वाले तमाम प्रकरणों के निस्तारण के लिए टैक्स विभाग की ओर से उपविधि बनाई गई। सभासदों ने दुकानदारों का उत्पीड़न न करने वाली नीतियों से बचने की अपनी सलाह देते हुए प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई।