पांच गांवों में चकबंदी को लेकर नहीं बन पाई सहमति
मीरापुर। ग्राम संभलहेड़ा समेत चल रही पांच गांवों में चकबंदी को लेकर हुई किसानों की बैठक बिना किसी निर्णय के समाप्त हो गई।
सीओ चकबंदी प्रमोद कुमार सिंह ने गांव संभलहेड़ा में पंचायत घर पर आयोजित बैठक में किसानों की समस्याओं को सुना। बैठक में चकबंदी जारी रखने या बंद करने के बारे में कोई फैसला नहीं हो सका। प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि चकबंदी प्रक्रिया सन 2007 से चल रही है। यह प्रक्रिया रोकने के लिए संबंधित गांवों की जमीन सहकारी खेती में आ गई हो, लंबे समय तक किसी नदी के पानी में आ गई हो, गांवों में दलबंदी व गुटबंदी हो अथवा संबंधित जमीनें सरकार की किसी महा योजना में शामिल हो गयी हों, तब ही चकबंदी प्रक्रिया रुक सकती है। उन्होंने बताया कि चकबंदी के दौरान पशु चिकित्सालय, आंबेडकर पार्क, गरीबों के लिए आवास आदि सामाजिक कार्यों के लिए भी जमीनें प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जे, शत्रु संपत्ति पर कब्जे, छोटे किसानों की जमीनों पर अवैध कब्जे आदि मामलों की भी जांच की जाएगी। बैठक में चकबंदी रोकने व चालू रखने से संबंधित किसान मौजूद रहे। इस अवसर पर एसीओ चकबंदी शिल्पी बरनवाल, कानूनगो संजय गुप्ता, लेखपाल अरविंद बावरा समेत गांव व क्षेत्र के जिम्मेदार किसान मौजूद थे। बैठक के बाद सीओ चकबंदी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि बैठक की कार्रवाई की रिपोर्ट सक्षम अधिकारी को भेज दी जाएगी।