- कंपनी के कागजातों में तकनीकी खामियों की वजह अटका निर्माण
- बधाई कलां में बनना है जिले का पहला जैविक गुड़-शक्कर सेंटर
संजय गर्ग
चरथावल। तकनीकी खामियों कीवजह से बधाई कलां में मंजूर जिले का पहला सामान्य सुविधा केंद्र (सीएफसी) 16 महीने बाद भी चालू नहीं हो पाया है। गन्ने का दूसरा सीजन शुरू हो गया है। यहां जैविक विधि से गुड़ शक्कर तैयार होगी। उत्पादों की ब्रांडिग पैकेजिंग होगी और माल देश-दुनिया में जनपद का नाम चमकेगा। केंद्र पर किसानों के लिए तकनीकी खेती के लिए प्रशिक्षण की सुविधा होनी है।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एक जिला, एक उत्पाद योजना के तहत बधाई कलां में पहला केंद्र को शासन से मंजूरी मिली थी। जून वर्ष 2021 में पिछली सरकार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल शिलान्यास किया था। महकमे की उदासीनता कहें या लापरवाही, अभी तक यहां निर्माण अधूरा है। किसानों को इस सीजन में भी जैविक विधि के प्लांट शुरू होने का सपना पूरा होते नजर नहीं आ रहा है। दरअसल, छह महीने पूर्व कानपुर की कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण शुरू किया तो शासन ने अड़ंगा लगा दिया। पंजीकृत कंपनी में एक परिवार के चार सदस्यों के शामिल होने की आपत्ति लगाकर शासन ने धनराशि अवमुक्त नहीं की। जबकि क्षेत्रवासी अमित त्यागी, अजय कुमार, रामकुमार मुथरा आदि केंद्र की शुरूआत का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
मंजूरी से पहले लगानी थी आपत्ति
कंपनी के चेयरमैन अरविंद मलिक ने बताया केंद्र की स्थापना के लिए साढ़े चार बीघा भूमि दी गई है। योजना की लागत पर 90 फीसदी शासन सब्सिड़ी देगा और 10 प्रतिशत अंश कंपनी का रहेगा। बकौल मलिक निर्माण शुरू होने से पहले अधिकारियों को आपत्ति लगानी चाहिए थी। शासन की आपत्ति का जवाब एक महीने पहले भेजा जा चुका है। गांव में सीएफसी के लिए 5.10 करोड़ की लागत से बनाई एग्री बिजनेस प्रोड्यूसर कंपनी को कार्य करने मंजूरी शासन से मिली थी।
शुद्धता की जांच के लिए बनेगी लैब
किसानों द्वारा तैयार किए गुड़ के बदले विशुद्ध गुड़-शक्कर तैयार कर ब्रांडिंग पैकेजिंग की जाएगी। इसके लिए शुल्क मामूली रहेगा योजना से क्षेत्र के युवाओं में आत्म निर्भरता और खेती के प्रति सकारात्मक सोच बढ़ेगी। उत्पाद के मानक जांचने के लिए लिए टेस्टिंग लैब रहेगी। कंपनी में 126 किसानों को जोड़ा गया है। यहां प्रशिक्षण केंद्र पर किसानों को तकनीकी जानकारी दी जाएगी। दो मंजिला भवन बनेगा। एक लैब, दो कमरे और एक हॉल प्रस्तावित है।
एक सप्ताह में चालू हो जाएगा निर्माण
शासन द्वारा कंपनी मे एक परिवार के कईं सदस्यों के शामिल होने की आपत्ति लगाई थी। फिलहाल उसका निस्तारण हो गया है। एक सप्ताह में कार्यदायी संस्था को धनराशि अवमुक्त होने के बाद कार्य शुरू हो जाएगा। जिले में इस केंद्र पर मार्च में कार्य शुरू किए जाने की आशा है। - परम हंस मौर्य, उपायुक्त जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र